बढती अपराधिक बारदातों से सहमा क्षेत्र

 बढती अपराधिक बारदातों से सहमा क्षेत्र

 

बढती अपराधिक बारदातों से सहमा क्षेत्र

पुलिस की लचरता से बढे अपराध

सुनील त्रिपाठी

तालबेहट।

जहां योगी सरकार प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के बडे बडे दावे कर रही वहीं विगत एक माह में संगठित अपराधिक तत्वों द्वारा बडी बारदातों को अंजाम देकर सरकार की मंशा की कलई खोल दी।

वीते माह में जहां बदमाशों ने भाजपा मण्डल के पदाधिकारी के चालक पर प्राणघातक हमला किया था वहीं पत्रकार पर नकाबपोश बदमाशों के हमले का विरोध चल ही रहा था कि बुधबार को आधा दर्जन बदमाशों ने दिनदहाड़े एक मैकेनिक पर हप्ता वसूली की मांग को लेकर गोलियां चलाकर दहशत का माहौल बना दिया।

एक माह पूर्व भाजपा के मण्डल पदाधिकारी पहलवान राजपूत के चालक पर कुछ बदमाशों ने कटटे की बटों से चेहरे पर हमला किया था।

जिसमें पुलिस ने सिपारिशों केे बाद आरोपियों पर मात्र शांतिभंग की कार्यवाई कर मामले को दबा दिया था। इसके बाद 21 जनवरी की शाम समाचार भेजकर कार्यालय से घर जा रहे पत्रकार अभिषेक बुन्देला पर साजिश के तहत एक नाकाबपोश बदमाश द्वारा खुलेआम हमले ने पुलिस को चुनौती दी थी।

जिसमें पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन के चलते पुलिस ने हमलावर नकाबपोश बदमाश को गिरप्तार कर लिया था मगर साजिशकर्ता को आखिर बचा लिया था। जिसके विरोध में पत्रकारों का प्रदर्शन लगातार बना हुआ है।

इसके बाद बुधबार की दोपहर उक्त बदमाश के आधा दर्जन साथियों ने झांसी रोड पर दिन दहाडे मैकेनिक प्रिंस अहिरवार पर गोली चलाकर दहशत का माहौल बनाया। हालांकि इस मामले में कप्तान के निर्देशन में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कई संदिग्ध बदमाशों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने इस मामले में देर शाम चार नामदज समेत आठ अज्ञात साथियों पर दलित उत्पीडऩ, प्राणघातक हमला, रंगदारी सहित संगीन धाराओं में मुकदमा पजींकृत कर लिया।

शरणदाताओं पर आखिर क्यों नही कसती पुलिस नकेल

नाबालिक युवकों समेत किशोरों को अपराध के दलदल में धकलने बाले शरणदाताओं पर पुलिस आखिर क्यों कार्यवाई से बचती है। पुलिस सहित समाज के जिम्मेदारों को भी यह जानकारी कि इन अपराधिक घटनाओं के पीछे किन मददगारों की भूमिका है। जब एक माह पूर्व भाजपा नेता के चालक पर प्राणघातक हमला हुआ था और मददगार तथा पुलिस की मिलीभगत से शांतिभंग की कार्यवाई की गई थी
तभी यह सवाल उठने लगे कि एक दिन बड़ी अपराधिक बारदातों की शुरूआत हो चुकी है। पुलिस को भी कई बार आगह किया गया कि बदमाश कोतवाली से दूर रखे जाऐ मगर पुलिस की लपारवाही रही जिससे खुलेआम गोलीकांड हो गया।
चार नामदज समेत अज्ञात आठ साथियों पर मामला दर्ज
बुधबार को हुए गोलीकांड के बाद पुलिस ने पीडि़त प्रिंस अहिरवार के शिकायती पत्र पर आरोपी राजाखान, अरबाज खान पुत्रगण हबीब खान, रेहान खान पुत्र वफाती खान, आसिफ पर मामला दर्ज कर लिया।
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