मुसाफिर तेरा ध्यान किधर है मधुशाला तो इधर है

मुसाफिर तेरा ध्यान किधर है मधुशाला तो इधर है

 लखनऊ

दुबग्गा स्थित मछली की मंडी के पास देसी मदिरा की दुकानें नियमों को ताक पर रखकर लगभग सुबह 7:30 बजे ही खुल जाती है सूत्रों की माने तो लखनऊ के आसपास के परिक्षेत्र मे देसी मदिरा की लगभग दुकाने देर रात तक खुलती है और देसी मदिरा की बिक्री यहां से बदस्तूर जारी रहती है दुबग्गा मछली मंडी के पास स्थित देसी मदिरा की दुकान जो कि घनश्याम जयसवाल के नाम से आवंटित है आज सुबह लगभग 9:30 बजे खुली पाई गई

बता दे अगर बात आबकारी विभाग की कि जाए तो देसी मदिरा की दुकानों के खुलने का समय प्रातः 10:00 से रात्रि 10:00 तक का ही होता हैलेकिन यह दुकानदार चंद पैसों के लालच में स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से दुकानों का संचालन करते हैं और इनको देखने वाला कोई नहीं होता है जब आज इस बाबत दुकानदार से बात की गई तो उसका कहना था कि हमारे पास रात की बची हुई रखी थी जो हमने बेच दी प्रश्न यह उठता है कि रात की बची रखी क्यों थी और समय से पहले क्यों बेच दीयह समय से पहले खुली देसी मदिरा की दुकान पर है आबकारी विभाग के अधिकारियों पर जिन की जवाबदेही बनती है इस तरह खुली हुई दुकानों पर

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