ठगी का शिकार हुए लोगों का धीरे- धीरे टूटने लगा सब्र का बांध,कई कोटेदारों को एडवांस में चेक देने की भी चर्चा

ठगी का शिकार हुए लोगों का धीरे- धीरे टूटने लगा सब्र का बांध,कई कोटेदारों को एडवांस में चेक देने की भी चर्चा

रिपोर्ट-रागिनी दुबे

त्रिवेदीगंज बाराबंकी
प्राइवेट कोटेदार बनाकर करोड़ों की ठगी करने वाली संस्था के खिलाफ अब धीरे-धीरे लोगों का धैर्य टूटने लगा है अंदर ही अंदर सभी में भारी आक्रोश भी व्याप्त है जिनका गुस्सा कभी भी फूट सकता है।

ज्ञातव्य हो कि कि श्री दुर्गा बक्स सिंह
वूमेल वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों द्वारा जिले भर में सस्ती दर में दाल व चीनी देने के नाम पर करीब एक हजार से अधिक कोटेदार बनाकर तीन लाख गरीब किसान परिवारों के साथ करोड़ों की ठगी का मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासन ने संस्था का कार्यालय व खाता सीज करने की कार्यवाही की थी।

और अब कई एजेंसियां भी जाँच करने में लगी हुई है। और अब संस्था पदाधिकारियों पर कभी भी बड़ी कार्यवाही हो सकती है जिसकों लेकर पदाधिकारियों में हडकंप मचा हुआ है, जो साफ देखा भी जा रहा है इससे बचने के लिए संस्था के पदाधिकारी तरह-तरह के हथकंडे भी अपनाये जा रहे है।

मालूम हो कि कोतवाली हैदरगढ़ में संस्था के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है जिसकी विवेचना भी चल रही है। इसी कड़ी में बताते चलें कि ठगी का शिकार हुये कोतवाली क्षेत्र के टिकरा मजरे लाही गांव निवासी श्ववण कुमार पांडेय ने बताया कि श्री दुर्गा बक्श सिंह वूमेल वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्षा सुनीता सिंह द्वारा सस्ती दर में दाल व चीनी देने के नाम पर व राशन वितरण के लिए प्राइवेट कोटेदार बनाने के लिए जमानत राशि के तौर पर उससे 37 हजार 500 रूपये जमा कराये गये।

इसके बाद राशन वितरण(उठान) के लिए उससे फिर 27 हजार रूपये संस्था द्वारा जमा कराये गये।  कुछ महीने तक तो उसे राशन का उठान मिला।

आरोप है कि बीच में संस्था की अध्यक्षा द्वारा कहा गया की 150 रूपये प्रति राशन कार्ड बनवाने के लिए जमा करावों। जिसके बाद उसने 300 कार्ड धारकों से राशन कार्ड बनाने के लिए 150 रूपये प्रति कार्ड के हिसाब से 45 हजार रूपये सोसायटी को जमा किये। इस प्रकार सोसायटी द्वारा उससे कुल 1 लाख 9 हजार 5 सौ रूपये जमा कराये गये।

भुक्तभोगी पीड़ित का आरोप है कि उससे पैसे जमा कराने बाद  इधर कई महीनों से संस्था की अध्यक्षा द्वारा न तो उसे राशन का उठान किया जा रहा है और न ही उसके जमा पैसे वापस किये जा रहे है। संस्था की अध्यक्षा द्वारा लगभग दो महीनों से उसे आज- कल का बहाना बनाकर गुमराह किया जा रहा है।

इस कारण प्रार्थी एवं उसके द्वारा बनाये गये कार्ड धारकों का उपभोक्ता हित प्रभावित हो रहा है पीड़ित परेशान होकर इसकी शिकायत आज प्रभारी अधिकारी (उपभोक्ता फोरम) से कर संस्था के पदाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के साथ जमा पैसा वापस कराये जाने की माँग की है। 

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