महिला स्वयं सहायता समूहो को झण्डी दिखा डीएम ने किया रवाना

महिला स्वयं सहायता समूहो को झण्डी दिखा डीएम ने किया रवाना

उन्नाव। उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत आन्तरिक सामुदायिक रिर्सोस पर्सन ब्रीफिंग कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुये जिलाधिकारी देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने उपस्थित महिला स्वंय सहायता समूह की 11 ब्लाॅकों से आयीं महिलाओं को सम्बोधित करते हुये

कहा कि उत्तर प्रदेश ग्रामीण अजीविका मिशन के तहत महिलाओं को समूह के माध्यम से स्वावलम्बी, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ग्रामीण अजीविका मिशन, लगातार नित नये आयामों पर पहुंच रहा है। जिसके तहत आज जिलाधिकारी ने आन्तरिक सामुदायिक रिर्सोस पर्सन टीम को हरी झण्डी दिखाकर गन्तव्य स्थल हेतु रवाना किया।

 जिलाधिकारी ने बताया कि 45 दिन के प्रवास में जनपद के 16 ब्लाॅकों में 11 ब्लाॅकों की प्रत्येक टीम में 5-5 महिलायें आज से 15-15 दिन तक प्रत्येक ब्लाॅक के चिन्हित ग्रामों में जाकर महिलाओं को आत्मसम्मान, स्वाभिमान जगाने तथा आर्थिक स्वावलम्बी बनाये जाने के उद्देश्य से चिन्हित गांव में 15 दिन तक प्रवास करेंगी

जिसमें उस गांव की महिलाओं को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत करायेंगी तथा महिला स्वंय सहायता समूहों का गठन कर उनको आर्थिक स्वावलम्बी बनाने का कार्य करेंगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डा0 राजेश कुमार प्रजापति ने आन्तरिक सामुदायिक रिर्सोस पर्सन ब्रीफिंग कार्यशाला पर विस्तार से चर्चा करते हुये

कहा कि यह योजना नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने एवं आर्थिक स्वावलम्बन सुरक्षित समाज की परिकल्पना के उद्देश्य से तैयार की गयी है। उन्होंने बताया स्कूलों में अध्यापक केवल किताबी ज्ञान की शिक्षा देते हैंए लेकिन आज के दौर में तकनीकी शिक्षा का होना परम आवश्यक है।

जब तक तकनीकी शिक्षा का ज्ञान किसी भी महिला समूह में नहीं होगा तबतक महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना नामुमकिन है। इस लिये यह आवश्यक है कि महिलायें घर से निकलें और अपनी शक्ति को पहचाने, इसी को ध्यान में रखकर आन्तरिक सामुदायिक रिर्सोस पर्सन ब्रीफिंग कार्यशाला को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया मास्टर ट्रेनर्स के रूप में 53 टीमें बनाकर 16 ब्लाॅकों में भेजी जा रही हैं। आवंटित गांव में 15 दिन रहकर उत्तर प्रदेश ग्रामीण अजीविका मिशन द्वारा चलायी जा रही योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं को योजनाओं से जागरूक कर मिशन से जोड़ने का कार्य करेंगी।

प्रदीप कुमार उपायुक्त उत्तर प्रदेश ग्रामीण अजीविका मिशन ने बताया कि जो टीमें भेजी जा रहीं हैं उन्हें ब्लाॅक स्तर से आवश्यक संसाधन मुहैया कराये जा रहे हैं तथा सम्बन्धित ग्राम प्रधानों को निर्देश दिये गये हैं कि जो टीम गांव पहंुचे उनके रहने आदि की व्यवस्था करें।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक टीम की महिला को भोजन आदि की व्यवस्था हेतु आर्थिक सहयोग विभाग की ओर से किया जा रहा है। आन्तरिक सामुदायिक रिर्सोस पर्सन ब्रीफिंग कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर, जिला मिशन प्रबन्धक शिखा मिश्रा रागिनी सिंह प्रदीप कुमार अशोक कुमार रजूल हसन समस्त ब्लाॅक मिशन मैनेजर तथा 11 ब्लाॅकों की महिला स्वंय सहायता समूह की आन्तरिक सामुदायिक रिर्सोस पर्सन आदि उपस्थित थे।

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