सरकारी स्कूलों में शिक्षा का बंटाधार

सरकारी स्कूलों में शिक्षा का बंटाधार

उन्नाव स्वतंत्र प्रभात

रसूलाबाद(उन्नाव) । सरकारी स्कूलों में शिक्षा का बंटाधार, बच्‍चों के हाथ में कॉपी-किताब की जगह टीचर थमा देते हैं झाड़ू, कराते हैं साफ-सफाईये मामला उन्नाव के रसूलाबाद,विकास खंड मियागंज छेत्र के कादिलपुर गांव में स्थित  प्राथमिक विद्यालय का सामने आया है...उन्नाव. सरकार भले ही सरकारी स्कूल के बच्चों को कांवेंट स्कूलों की तर्ज पर सुविधा देने का दम भर रही हो। मगर, इनमें से कई स्कूलों के शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनसे साफ-सफाई करवाते हैं।

ऐसे में खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन स्कूलों में किस तरह शिक्षा का बंटाधार किया जा रहा है। कई स्कूलों के बच्‍चे क्‍लास में पढ़ाई की शुरूआत करने से पहले खुद झाड़ू लगाकर साफ-सफाई करते हैं और ये नजारा अक्‍सर ही देखने को मिलता है।

ऐसे कैसे पढ़ेंगे बच्चे

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्‍कूलों में शिक्षा की क्‍या हालत है इस बात का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि यहां बच्‍चों के हाथों में कॉपी-किताब की जगह झाड़ू नजर आ रही है। बेसिक शिक्षा विभाग ने भले ही स्कूलों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी वहां पढ़ा रहे टीचरों को दी हो। लेकिन कुछ टीचर ऐसे भी हैं जिन्होंने छात्रों के हाथों में झाड़ू थमा दी। ऐसा ही एक मामला उन्नाव के रसूलाबाद विकासखंड मियागंज छेत्र के कदिलपुर गांव में स्थित माध्यमिक विद्यालय का मामला सामने आया है। सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचते हैं तो उनके हाथ में पेंसिल और कॉपी-किताब की जगह झाड़ू थमा दी जाती है और छात्रों को ही सफाई कर्मी बना दिया जाता है।

बच्चों के हाथ में झाड़ू

छात्रों के साथ किए जा रहे इस तरह के व्यवहार को देखकर जब हमारी टीम कादिलपुर गांव स्थित माध्यमिक विद्यालय के अंदर पहुंची तो महिला टीचर हड़बड़ा गईं और बच्चों को झाड़ू रखकर क्लास में बैठने के लिए कहने लगीं। जब हमने स्कूल की टीचर से पूछा कि आप बच्चों से झाड़ू क्यों लगवा रही हैं तो वह मानने को तैयार ही नहीं थीं। वह सफाई देने लगीं कि स्कूल में कोई सफाईकर्मी नहीं आता है।हम लोग खुद ही झाड़ू लगते है और कक्षा में झाड़ू रखी जाती है तो बच्चे रखने गए होंगे, खैर वजह जो भी हो लेकिन एक तरफ सरकार सर्व शिक्षा अभियान में करोड़ों रुपए खर्च कर बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। तो वहीं दूसरी तरफ बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी लेने वाले की इसकी जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं और बच्चों के हाथ में किताबों की जगह झाड़ू थमा रहे हैं।

होगी सख्त कार्रवाई

वहीं हमने जब ये तस्वीरें उन्नाव के बेसिक शिक्षा अधिकारी  को दिखाईं तो वह भी हैरान रह गए। उन्होंने इस मामले में स्कूल के टीचरों नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। उनका कहना है कि जांच के बाद वह इस टीचरों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेंगे, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति न बने। बीएसए के मुताबिक सरकारी स्कूलों में सफाई के लिए सफाईकर्मियों को लगाया गया है। टीचरों को उन्हीं से सफाई करानी चाहिए।

 

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