उन्नाव की बड़ी खबरे

उन्नाव की बड़ी खबरे

लर्निंग आउटकम्स परीक्षा की अनुश्रवण समिति के सदस्य बने आशीष


उन्नाव। उत्तर प्रदेश के समस्त परिषदीय एवं कस्तूरबा विद्यालयों के कक्षा पांच से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लर्निंग आउटकम्स (सीखने की क्षमता) की जांच हेतु आगामी 8 नवम्बर को प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विद्यालयो में लर्निंग आउटकम्स परीक्षा का आयोजन होना है।

लगभग 60 लाख स्कूली बच्चों की होने वाली इस प्रदेशस्तरीय परीक्षा के अनुश्रवण हेतु राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश के निदेशक संजय सिन्हा ने 23 अक्टूबर को पत्र जारी कर दस सदस्यीय प्रादेशिक अनुश्रवण समिति के गठन की घोषणा की है।

इस अनुश्रवण समिति में अजय कुमार सिंह संयुक्त निदेशक एसएसए श्रीमती दीपा तिवारी सहायक निदेशक एससीईआरटी रावेंद्र सिंह बघेल सहायक उप निदेशक एससीईआरटी के साथ जनपद के विकास खण्ड सुमेरपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय मलयपुर के शिक्षक आशीष कुमार दीक्षित को भी स्थान दिया गया है। आशीष दीक्षित अपने अनोखे कार्यों से सुमेरपुर के मलयपुर विद्यालय को जनपद ही नहीं प्रदेश में एक उदाहरण बना चुके हैं। उनके चयन से जनपद के शिक्षकों में हर्ष का माहौल है।

 

बोरवेल के गड्ढे में मिला युवक का शव


उन्नाव। बारासगवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक व्यक्ति का शव बोरवेल के गड्ढे में पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को गड्ढे से निकालकर उसकी शिनाख्त कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के पतारी जगतपुर निवासी धर्मेंद्र 35 पुत्र राजाराम 5 दिन पूर्व अपने घर से मुंबई जाने के लिए निकला था किंतु मुंबई न जाकर अपने यार दोस्तों के साथ यहीं आसपास घूमता फिरता रहा और नशेबाजी करता रहा। गुरुवार की सुबह उसका शव रग्घूखेड़ा बारासगवर के मध्य राजेंद्र सिंह के बोरवेल के गड्ढे में पड़ा मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने मौके से शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त उपरोक्त के रूप में कराकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

मृतक की एक पुत्री 10 वर्ष लावी और 5 वर्ष का पुत्र सौरभ है। पत्नी राजवती का पुत्र पुत्री के साथ रो-रोकर बुरा हाल है। नशे का लती धर्मेंद्र मुंबई मेहनत मजदूरी करने जाना चाह रहा था किंतु अपने यार दोस्तों के चक्कर में वह 5 दिनों से यहीं आसपास नशेबाजी करते हुए घूमता रहा। दारूबाजी के चक्कर में ही उसकी मौत हुई लगती है। प्रभारी निरीक्षक मुकेश वर्मा ने बताया कि किसी तरह की कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जो भी विधि संगत होगा, कार्यवाही की जाएगी।

 

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई किसान की मौत
उन्नाव। थाना बीघापुर क्षेत्र के गाँव कटरा दीवानखेड़ा के मजरे ककराहिनखेड़ा के रहने वाले चंद्रिका गौतम पुत्र स्व० गुरदीन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। जानकारी के अनुसार किसान ने दिनभर अपने खेत में धान की कटाई और पिटाई कर शाम को अपने घर पहुंचा खाना खा-पीकर पुनः वहीं पर रखे हुए धान की फसल की आवारा जानवरों से सुरक्षा के उद्देश्य से सोने चला गया। इसके बाद वहां क्या हुआ परिवारीजनों को इसके विषय में कुछ जानकारी नहीं है। सुबह जब वह घर वापस नहीं आए तो पड़ोस में लड़के को भेज कर बुलावा भेजा तो पता चला कि वहां किसान चंद्रिका मृत पड़ा हुआ था। जबकि उसकी चारपाई के आसपास उल्टियां पड़ीं देखी गई। इससे प्रतीत होता है कि या तो किसी जहरीले कीड़े ने काटा अथवा कोई जहरीली चीज खा ली। अब जो भी हुआ हो यह तो समय के गर्त में है। जांच पोस्टमार्टम से ही किसान की मृत्यु का कारण स्पष्ट पता चल सकता है। खबर लिखे जाने तक परिवारीजनों ने सशंकित व पुलिस को सूचना दिए बगैर ही दाह संस्कार करने की सोच रहे थे जबकि मृतक का अकेला पुत्र जालंधर में कोई प्राइवेट नौकरी करता है।

 

किसान को अपने ही बाग का सूखा पेड़ काटना पड़ा मंहगा

 

  • फारेस्टरर ने एफआईआर की धमकी देकर ठोका 12 हजार जुर्माना

उन्नाव। जहाँ वन विभाग की मिलीभगत से प्रतिबंधित हरे पेड़ों पर आरे चल रहे हैं। वहीं किसान के अपने बाग में सूखे आम के पेड़ कटाना महंगा पड़ गया। बीट के फारेस्टर ने किसान को एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देकर 12 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया। जबकि ग्रामीणों ने फारेस्टर के द्वारा आम महुआ नीम शीसम के प्रतिबंधित पेड़ों को ठेकेदारों से मिलकर कटाने की शिकायत वन क्षेत्राधिकारी से की है।

मालूम हो कि हसनगंज तहसील क्षेत्र की रसूलाबाद मियांगंज व हैदराबाद बीट फारेस्टर के द्वारा रोड किनारे खड़े प्रतिबंधित आम नीम शीशम जैसे सरकारी पेड़ों को ठेकेदारों से सेटिंग कर लाखों का चूना लगाना आम बात हो गई है। बीट फारेस्टर हैदराबाद में लगी आरा मशीनों से मोटी रकम माहवारी वसूल करने की शिकायतों का ग्रामीणों ने आरोप लगाया है। वहीं बीते रविवार को 20 अक्टूबर को रसूलाबाद हसनगंज रोड़ पर मुंशीगंज निवासी रमेश चंद्र तिवारी ने अपने आम के बाग में खड़े सूखे चार पेड़ कटा रहे थे तभी बीट फारेस्टर मौके पर आकर किसान से कमीशन की मांग की। कृषक ने बताया अपने प्रयोग के लिए काटी लकड़ी का कमीशन देने से मना कर दिया।

जिसपर बौखलाया फारेस्टर अशोक कुमार पांडेय ने कृषक के श्रमिकों से आरा कुल्हाड़ी उठाकर रेंज आफिस मोहान में जमा कर दिया और किसान के खिलाफ प्रतिबंधित सूखे आम काटने के जुर्म में एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देने लगा। जबकि लकड़ी ठेकेदारों से बीट फारेस्टर हसनगंज सहित रसूलाबाद मियांगंज व हैदराबाद में लकड़ी ठेकेदारों से मोटी रकम वसूल कर बडे पैमाने पर प्रतिबंधित लकड़ी कटवाने का ग्रामीणों का आरोप है।

लेकिन किसान अपनी सूखी आम की लकड़ी काटना वन विभाग के अधिकारियों की किताब में गैरकानूनी माना गया है। जिसका नतीजा यह है कि तानाशाह फारेस्टर अशोक कुमार पांडेय ने कृषक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देकर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर वसूल लिया। जिससे ग्रामीणों में बीट फारेस्टर के खिलाफ खासा आक्रोश व्याप्त है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने क्षेत्रीय वनाधिकारी मोहान से लिखित शिकायत की है। इस संबंध में रेंजर डी डी पाल से पंूछने पर बताया कि बिना परमीशन के आम काटने की सूचना मिलने पर जुर्माना लगाया गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर फारेस्टर की विभागीय जांच की जायेगी।

 

एडीजी ने निरीक्षण को बताया गोपनीय, अपराध पर साधी चुप्पी


उन्नाव

दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत मंगलवार को जिले की पुलिसिंग का हाल जानने आईं नोडल अधिकारी/अपर पुलिस महानिदेशक महिला सम्मान प्रकोष्ठ बुधवार को जिला कारागार व गंगाघाट थाना का निरीक्षण करने के साथ ही मीडिया से भी रूबरू हुई। मीडिया के सवालों पर उन्होंने निरीक्षण के गोपनीय बताया। जबकि जिले में हुई अपराधिक घटनाओं और कानून व्यवस्था से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध गईं।

 एडीजी महिला सम्मान प्रकोष्ठ अंजू गुप्ता ने मंगलवार दोपहर शहर के मोहल्ला तालिब सरांय में जनचैपाल लगाने के साथ सदर कोतवाली पुलिस लाइन समेत पुलिस के अन्य अनुभागों का निरीक्षण कर जिले की पुलिसिंग का जायजा लिया था। बुधवार सुबह 8.30 बजे एडीजी ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय एसपी एमपी वर्मा व एएसपी विनोद कुमार पांडेय भी साथ थे। एडीजी ने महिला बंदियों से वार्ता कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

शस्त्रागार के साथ भोजनालय का निरीक्षण किया। बैरकों की तलाशी ली। जहां उन्हेें सब दुरुस्त मिला। एडीजी ने सब्जी के छिलके और बचे भोजन को फेंकने की जगह गोशाला मेें भेजने का सुझाव दिया। उन्होंने पाठशाला और अस्पताल को देखने के साथ दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। लगभग सवा घंटा रुकने के बाद उन्होंने गंगाघाट थाना का निरीक्षण किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके सुझाव जाने।

दोहपर 3.30 बजे एडीजी पुलिस लाइन सभागार में मीडिया से रूबरू हुई। मीडिया के सवालों पर निरीक्षण को गोपनीय बता चुप्पी साध गई। आपराधिक घटनाओं के खुलासे न होने व अन्य मामलों मेें पुलिस की लचर कार्यशैली पर किए गए सवालों की भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

 

रामलीला के दौरान बाइक चोरी


उन्नाव। हिलौली महोत्सव में चल रही रात्रि रामलीला मंचन के दौरान आदर्श रामलीला समिति के अध्यक्ष एवं पत्रकार मनोज शुक्ला के छोटे भाई लक्ष्मी निवास शुक्ला की बाइक अज्ञात चोरों ने बीती देररात पार कर दिया। जो काफी खोजबीन करने के बाद भी नही मिली। रामलीला कमेटी व भारी पुलिस बल की कड़ी चैकसी के बीच चोरों ने सुरक्षा व्यवस्था में सेंध करते हुए पुलिस को बड़ी चुनौती दी। उक्त घटना को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सक्रिय पुलिसिया कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए हो रही चर्चा। पीड़ित ने बाइक चोरी की तहरीर थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ दिया।

 

विचार गोष्ठी सम्पन्न 


उन्नाव। महात्मा गांधी के सामाजिक सरोकार विषय पर विचार गोष्ठी विकास खण्ड सभागार सिकन्दरपुर कर्ण अचलगंज में सम्पन्न हुई। इस मौके पर कार्यक्रम आयोजक अरुण कुमार दीक्षित किशन पाठक पूर्व जिलाध्यक्ष गंगाप्रसाद वर्मा जिला उपाध्यक्ष सिद्धार्थ दीक्षित चंद्रकांता जोशी शत्रुघन सिंह अजय बाजपेई सहित क्षेत्र के कई गणमान्यजन शिक्षकगण सामाजिक कार्यकर्तागण अन्य भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

 

खाल कारोबारी ने टेनरी मालिक पर लगाया परेशान करने का आरोप

  • माल खरीदने के तीन माह बाद भुगतान देने को लेकर बना रहा तरह-तरह के बहाने

उन्नाव। कानपुर के जाजमऊ इलाके में स्थित असलम टेनर के मालिक असलम परवेज पर आरोप है कि वह खाल कारोबारी एचएमए एग्रो इंडस्ट्रीज को फर्जी तरीके से परेशान कर रहा है। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। मामला पांच महीने पहले मई माह का है जब एचएमए एग्रो इंडस्ट्रीज के एजेंट मो0 प्यारे ने लगभग 22 लाख रुपये का चमड़ा असलम टेनर को नगद भुगतान पर सप्लाई किया और वही 3 महीने बाद असलम टेनर अब सप्लाई किए गए

चमड़े में खामियां गिना रहा है और दी गयी पेमेंट वापस लेने के लिए पुलिस को फर्जी प्रार्थनापत्र देकर एचएमए एग्रो इंडस्ट्रीज को परेशान कर रहा है जबकि उसी माह में और भी टेनरी संचालकों को चमड़ा दिया जिसमे किसी तरह की कोई शिकयत नहीं मिली है चमड़े के कारोबार में चमड़ा सप्लाई के 15 दिन का समय होता है जिसमे चमड़े की गुणवत्ता चेक करके लेना है या नही, ये फैसला टेनरी मालिक को करना होता है लेकिन चमड़ा सप्लाई के 3 महीने बाद इस तरह का आरोप लगाना बिल्कुल गलत है। वही चमड़ा कारोबारी का कहना है कि जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा जिसके बाद चमड़ा कारोबारी एचएमए एग्रो इंडस्ट्रीज असलम टेनरी के मालिक असलम परवेज पर मानहानि का मुकदमा करने की बात कह रहे है।

गौरतलब है अगर असलम टेनर को चमड़े की गुणवत्ता में कोई कमी नजर आई थी तो वो 15 दिनों में चमड़ा वापस कर सकते थे और शिकायत टेनरी एसोसिएशन से करनी चाहिए थी लेकिन असलम टेनर फर्जीवाड़ा कर चमड़ा कारोबारी एचएमए एग्रो इंडस्ट्रीज की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे है और कंपनी के एजेंट मो0 प्यारे को जान से मारने और जाजमऊ में ना रहने देने की धमकी दे रहे है। जबकि यह कंपनी 30 साल से जाजमऊ में कच्चा चमड़ा सप्लाई कर रही है किसी भी टेनरी की तरफ से किसी तरह का कोई विवाद नहीं है।


 

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