नेहरू की वैज्ञानिक सोच ने भारत को आगे बढ़ाया

नेहरू  की वैज्ञानिक सोच ने भारत को आगे बढ़ाया

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‌ नेहरू की वैज्ञानिक सोच में भारत को आगे बढ़ाया
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‌गुटनिरपेक्ष आंदोलन को खड़ा करके दुनिया में भारत का मान बढ़ाया
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‌स्वतंत्र प्रभात

‌प्रयागराज


‌इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को आधुनिक भारत का निर्माता और देश की आजादी में अग्रणी भूमिका निभाने वाले इस नायक को पूरे विश्व का सबसे विद्वान और महानायक बताया तिवारी  ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू  की आधुनिक एवं वैज्ञानिक सोचने भारत की तस्वीर बदलने के लिए जो आधारशिला रखी चाहे रिहंद बांध भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर  आईआईटी रही हो या यूनिवर्सिटीज रहे हो नेहरू जी ने स्वतंत्र भारत की आधारशिला उस समय रखी जब भारत में वैज्ञानिक सोच की कमी थी दूरदर्शी होने के कारण उनकी आधुनिक सोचने भारत को पूरे विश्व में आज नंबर वन बना दिया नेहरू जी ऐसे थे जिन्होंने अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ जेसी बरोज टीटो और नासिर के साथ मिलकर एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद के खात्मे के लिए गुटनिरपेक्ष देशों की नींव रखी।
‌ श्री तिवारी पंडित जवाहरलाल के 130वी जयंती पर एक गोष्ठीी को संबोधित कर रहे थे उन्होंने  कहा कि विश्व को यह संदेश पंडित जी ने दिया कि  भारत अपने आप में एक शक्तिशाली सोच ही नहीं रखता वह विश्व का नेतृत्व कर सकता है।
‌ तिवारी ने कहा कि 1924 में पंडित जवाहरलाल नेहरु इलाहाबाद नगर निगम के अध्यक्ष थे 1926 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया अंग्रेजों के असहयोग के कारण 1926 से 1928 के बीच में व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव रहे और 1928 29 में उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के साथ भारत के पूर्व राजनीतिक स्वतंत्रता की मा ग कांग्रे सम्मेलन में उठाया और परिणाम स्वरूप 1930 में लाहौर के अधिवेशन में कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए वक्ताओं ने कहा कि अगर नेहरू की जगह कोई और प्रधानमंत्री रहा होता तो आज भारत कि जो आधुनिक तस्वीर है जो प्रगतिशील तस्वीर है जिस वैज्ञानिक अब कंप्यूटर क्षेत्र में भारत अपना झंडा लहरा रहा है समाजवादी आर्थिक सोच में भारत जिस तरीके से विश्व का नेतृत्व करते हुए अपना स्थान पाया है वह नहीं होता वक्ताओं ने कहा चाहे पाकिस्तान से लड़ाई हो चाइना से लड़ाई हो कुछ नागपुरिया गैंग को छोड़ दीजिए जो नेहरू जी के बारे में हमेशा अफवाह फैलाते रहे अंग्रेजों का साथ देते रहे और आजादी के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश हमेशा की और आजादी के बाद भी सांप्रदायिक माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जिन लोगों ने महात्मा गांधी की हत्या किया और जिनकी सोच मैं आज भी गांधी के हत्यारे का दर्शन जिंदा है जिनकी सोच नेहरू और सरदार पटेल में दरार पैदा करने की है वह भारत निर्माण को छोड़कर अपनी राजनीति सेकने में लगे और जनता को गुमराह कर रहे हैं । जवाहरलाल नेहरू ने दर्जनों किताबों को लिखा जिसमें डिस्कवरी ऑफ इंडिया आज भी पूरे विश्व में पढ़ी जाती है इसीलिए गांधी जी ने प्रधानमंत्री के चुनाव में पूरे देश में सबसे अधिक वोट सरदार पटेल को मिलने के बावजूद नेहरू जी को प्रधानमंत्री बनाया और जिसका समर्थन सरदार पटेल ने किया इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संजय तिवारी मुकुंद तिवारी तलत अजीम हसीब अहमद सुरेश यादव जितेश मिश्रा अभ्युदय त्रिपाठी शशांक शर्मा विकास तिवारी इरशाद उल्लाह निशांत रस्तोगी उदय यादव गौरव पांडे थे।

‌ प्रयागराज से दयाशंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।

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