प्रस्तावित कैथी मार्कंडेय महादेव बाईपास मार्ग का ग्रामीणों ने किया विरोध, नही हो सकी मापी 

प्रस्तावित कैथी मार्कंडेय महादेव बाईपास मार्ग का ग्रामीणों ने किया विरोध, नही हो सकी मापी 

नरेश गुप्ता/ राजकुमार गुप्ता की रिपोर्ट

प्रस्तावित कैथी मार्कंडेय महादेव बाईपास मार्ग का ग्रामीणों ने किया विरोध, नही हो सकी मापी 


वाराणसी:

चौबेपुर क्षेत्र के कैथी गाँव के मध्य से लोक निर्माण विभाग की प्राचीन सडक 50 फीट चौड़ी है, जिसपर हुए अतिक्रमण को हटा कर सडक बनाने की मांग की गयी 
गाँव के मध्य की सडक से स्वतः अतिक्रमण हटाने को तैयार हैं अधिकांश गाँव वाले 

स्थानीय सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री डा महेंद्र नाथ पांडे के प्रयास से लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित कैथी मार्कंडेय महादेव बाईपास सडक का कैथी ग्रामवासियों ने विरोध प्रारंभ कर दिया है.  लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता और उप जिलाधिकारी सदर महेंद्र कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर गाँव में राष्ट्रीय राजमार्ग से लघु डाल नहर होते हुए 1.3 किलोमीटर की प्रस्तावित सडक पर प्रभावित आराजी की मापी करने पहुंचे सर्वे कार्यालय के कर्मचारियों का ग्राम वासियों ने कडा विरोध किया और कहा कि जब कैथी ग्राम के भीतर से जाने वाली सडक लगभग नक्शे पर 50 फीट चौड़ी है और पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग भी यही है तो गाँव के बाहर से सडक के लिए कृषि भूमि के अधिग्रहण का क्या औचित्य है ? वैसे भी गाँव की काफी कृषि योग्य भूमि कटाने के कारण गाजीपुर जिले में चली गयी हैं और कृषि योग्य जमीन बहुत कम बची हुयी है.

ग्राम वासियों ने कहा कि गाँव के मध्य से धाम तक जाने वाली लोक निर्माण विभाग की सडक पर हुए अतिक्रमण को हटा कर बड़े सुविधाजनक तरीके से रोड डिवाईडर के साथ दो लेन सडक बन सकती है, यही सडक गाजीपुर में जौहर गंज तक जाती है इस पर गोमती नदी पर संगम के पास सीमेंटेड छलका पुलिया बना कर सडक को चालू किये जाने से बहुत ही राहत होगी.  मार्कण्डेय महादेव धाम में आने वाले दर्शनार्थियों में तीन चौथाई संख्या गाजीपुर की तरफ से होती है जो जौहरगंज होते हुए सीधे धाम में आ सकते है. इसके लिए बाईपास सडक की कोई आवश्यकता नही है. न ही कोई भूमि अधिग्रहीत करने की आवश्यकता होगी. गाँव के लोग स्वतः अतिक्रमण को हटाने के लिए तैयार हैं.

ग्राम वासियों ने कहा नियमानुसार किसी भी परियोजना से प्रभावित किसानो  के 80 प्रतिशत लोगों की लिखित सहमति लिए बिना कोई भूमि अधिग्रहीत नही की जा सकती है. इस परियोजना पर गाँव में एक भी व्यक्ति की सहमती नही ली गयी है. फिर भी अविवेक तरीके से भूमि की मापी कराना विधि विरुद्ध है. कैथी के किसान ऐसे किसी प्रयास का विरोध करेंगे और आवश्यकता हुयी तो बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाएगा.

मौके पर मुरली धर सिंह, श्यामा चरण पाण्डेय, आदिनाथ पाण्डेय, हरिवंश सिंह, सुशील सिंह, जीतेश रघुवंशी, शक्ति सिंह, उमा चरण पाण्डेय, सुनील सिंह, सनीश रघुवंशी, धीरेन्द्र सिंह, चन्द्र भूषण सिंह, राम लखन यादव, सौरभ, गौरव, संदीप, शिशिर कान्त सिंह आदि उपस्थित रहे.

 

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