जस्टिस लोया के संदिग्ध मौत की फिर से जांच कराए महाराष्ट्र सरकार

जस्टिस लोया के संदिग्ध मौत की फिर से जांच कराए महाराष्ट्र सरकार

नरेश गुप्ता /राजकुमार गुप्ता की रिपोर्ट

जस्टिस लोया के संदिग्ध मौत की फिर से जांच कराए महाराष्ट्र सरकार


वाराणसी

1 दिसम्बर 19 को 1 बजे से अम्बेडकर पार्क कचहरी वाराणसी में जज ब्रिजगोपाल हरिकिशन लोया की 5 वी शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन राष्ट्रीय इंकलाबी दलित आदिवासी मंच(रिदम) और नागरिक समाज के संयुक्त बैनर तले किया गया

इस दौरान उनके संदिग्ध मौत पर सवाल उठाते हुए महाराष्ट्र सरकार द्वारा नये सिरे से जांच की मांग की गई. सुप्रीम कोर्ट से भी इस मसले पर पुनर्विचार करने की अपील की गई

    सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जस्टिस लोया के संदिग्ध मौत से जुड़े ६-६ दस्तावेज मौजूद होने के बाद भी पिछली महाराष्ट्र सरकार ने कोई पहल नहीं लिया क्योंकि इस मामले से सीधे अमित शाह जुड़े थे. ऐसे में महाराष्ट्र में आई नयी सरकार से हम फिर से मांग करते हैं कि वह अपना वादा निभाए और इस पूरे मामले की जांच कर न्याय की गारंटी करे.

  वक्ताओं ने कहा कि यह मसला अदालतों की स्वायत्ता और स्वतंत्रता और न्याय व्यवस्था पर जनता के भरोसे से जुड़ा हुआ है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट से हमारी अपील है वह अपने फैसले पर पुनर्विचार कर जस्टिस लोया के मौत के सच को सामने लाए. वक्ताओं में सुश्री जागृति राही ने कहा कि लोक तंत्र में न्याय पालिका की स्वायत्तता के साथ साथ यह आवश्यक है कि हम मीडिया और अन्य संस्थाओं को बचाने के लिए सड़कों पर उतरे। यह हमारे संविधान को बचाने की भी लड़ाई है।


डॉ अनूप श्रमिक ने सभा मे बोलते हुए कहा की कोलेजियम सिस्टम समाप्त किया जाना चाहिए। हर स्तर पर सभी जातियों वर्गों की भागीदारी और अवसर की समानता के लिए यह आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा ज्यूडिशियल सिस्टम में खाली पड़े पदों को तत्काल भरा जाना चाहिए।

     अन्य वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार के दौर में  सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता ख़तरे में है चुनाव आयोग आरबीआई से लेकर अदालतें तक भारी दबाव में है, संविधान तक को ताक पर रख दिया गया है.ऐसे में जस्टिस लोया को न्याय दिलाने की लड़ाई, असल में लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई बन गई है

     सभा को मुख्य रूप से मनीष शर्मा, बृजेश भारती, दयाशंकर पटेल, रत्नाकर गौतम, डॉ बबिता, एडवोकेट राम दुलार, राजकुमार गुप्ता, मो आरिफ आदि ने समबोधित किया। अंत मे सभी ने जस्टिस लोया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस लड़ाई को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिए। 

 

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