वशीकरण की अधिष्ठात्री हैं मां बगलामुखी जानिए श्री सिद्ध बगलामुखी देवी महामंत्र

वशीकरण की अधिष्ठात्री हैं मां बगलामुखी जानिए श्री सिद्ध बगलामुखी देवी महामंत्र

वशीकरण की अधिष्ठात्री है माँ बंगलामुखी--कौशलेन्द्र शास्त्री

 कौशलेंद्र शास्त्री जी कहते है कि माता बगलामुखी दसमहाविद्या में आठवीं महाविद्या हैं। इन्हें माता पीताम्बरा भी कहते हैं। ये समस्त देवियों में सबसे विशेष है और स्तम्भन की देवी हैं। सारे ब्रह्माण्ड की शक्ति मिल कर भी इनका मुकाबला नहीं कर सकती.

शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद विवाद में विजय के लिए इनकी उपासना की जाती है. इनकी उपासना से शत्रुओं का स्तम्भन होता है तथा जातक का जीवन निष्कंटक हो जाता है. किसी भी कार्य की सिद्धि के लिये जाप से पूर्व बगलामुखी कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए

तंत्र साधकों के मुताबिक बगलामुखी मन्त्र के आदि में ह्री या ह्लीं दोनों में से किसी भी बीज का प्रयोग किया जा सकता है. ह्रीं तब लगायें जब आपका धन किसी शत्रु ने हड़प लिया है और ह्लीं का प्रयोग शत्रु को पूरी तरह से परास्त करने के लिए करें.इससे वशीकरण की अद्भुत शक्ति मिलती है.परन्तु यह सब एक दो दिन में नहीं होता.इसके लिए कम से कम 40  दिन तक नियम से जप करना पड़ता है.इस मन्त्र के द्वारा शत्रु को शांत किया जा सकता है.

सामान्य बंगलामुखी मंत्र---

ऊँ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्रीं ओम् स्वाहा।
माँ बगलामुखी की साधना करने वाला साधक सर्वशक्ति सम्पन्न हो जाता है. यह मंत्र विधा अपना कार्य करने में सक्षम हैं. मंत्र का सही विधि द्वारा जाप किया जाए तो निश्चित रूप से सफलता प्राप्त होती है. बगलामुखी मंत्र के जाप से पूर्व बगलामुखी कवच का पाठ अवश्य करना चाहिए. देवी बगलामुखी पूजा अर्चना सर्वशक्ति सम्पन्न बनाने वाली सभी शत्रुओं का शमन करने वाली तथा मुकदमों में विजय दिलाने वाली होती है.


जानिए श्री सिद्ध बगलामुखी देवी महामंत्र को—–
ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै सर्व दुष्टानाम वाचं मुखं पदम् स्तम्भय जिह्वाम कीलय-कीलय बुद्धिम विनाशाय ह्लीं ॐ नम:
इस मंत्र से काम्य प्रयोग भी संपन्न किये जाते हैं जैसे —-
1. मधु. शर्करा युक्त तिलों से होम करने पर मनुष्य वश में होते है।
2. मधु. घृत तथा शर्करा युक्त लवण से होम करने पर आकर्षण होता है।
3. तेल युक्त नीम के पत्तों से होम करने पर विद्वेषण होता है।
4. हरिताल, नमक तथा हल्दी से होम करने पर शत्रुओं का स्तम्भन होता है।

वशीकरण करण की अद्भुत शक्ति---

इस मन्त्र से मुकदमा जीता जा सकता है. आधिदैविक और आधिभौतिक समस्याओं से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है. बंधन से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है अर्थात यदि कोई बेकसूर व्यक्ति जेल में है या जेल जाने के आसार हैं तो इस साधना से अवश्य लाभ हो सकता है. भूत प्रेत और जादू टोन के आक्रमण से बचा जा सकता है. बगलामुखी साधना करने वाला व्यक्ति प्रभावशाली बनता है. उसे डर नहीं लगता. किसी प्रकार की चिंता हो तो वह भी कुछ समय के बाद दूर हो जाती है,

पौराणिक कथा--

सतयुग में सम्पूर्ण जगत को नष्ट करने वाला भयंकर तूफान आया. प्राणियो के जीवन पर संकट को देख कर भगवन विष्णु चिंतित हो गये। वे सौराष्ट्र देश में हरिद्रा सरोवर के समीप जाकर भगवती को प्रसन्न करने के लिये तप करने लगे. श्रीविद्या ने उस सरोवर से वगलामुखी रूप में प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिया तथा विध्वंसकारी तूफान का तुरंत स्तम्भन कर दिया. बगलामुखी महाविद्या भगवन विष्णु के तेज से युक्त होने के कारण वैष्णवी है। मंगलयुक्त चतुर्दशी की अर्धरात्रि में इसका प्रादुर्भाव हुआ था। श्री बगलामुखी को ब्रह्मास्त्र के नाम से भी जाना जाता है

जय माता दी ,जय पीताम्बरा देवी

ज्योतिष सेवा केन्द्र लखनऊ

आचार्य कौशलेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महराज

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