खुद को लीड करना सीख लें लीडर खुद ही बन जाएंगें

खुद को लीड करना सीख लें लीडर खुद ही बन जाएंगें

हम खुद को बदलना सीख लें तो अपने जीवन की नहीं दुनिया की कई बड़ी समस्याएं खुद ब खुद ही खत्म हो जाएंगी। दुनिया की गति से कदमताल करते हुए जितने भी लोग आते हैं उनका यही सपना होता है कि वे अगर किसी मुकाम पर पहुंचे तो एक दिन दुनिया को जरूर बदलेंगे। जितना हो सकेगा उतना बदलने की कोशिश करेंगे। कुछ लोग ऐसा करने में कामयाब हो भी जाते हैं। ऐसे लोग बड़े बदलाव का कारण भी बन जाते हैं। यह जीवन की कड़वी सच्चाई है कि हम सारे जहां को बदल सकते हैं बदलने की शक्ति रखते हुए उसके लिए बड़े बड़े दावे भी करते हैं लेकिन कभी खुद को बदलने की नहीं सोचते। जो बदलाव हम दुनिया में करना चाहते हैं अगर उस बदलाव को हम स्वयं से शुरु करें तो अपने व दूसरों के जीवन को भी संवार सकते हैं। अपने व दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का कारण बनने के लिए आवश्यक है कि हम बदलाव की शुरुआत खुद से करें। एक व्यक्ति के बदलने से सैंकड़ों बदलते हैं सैंकड़ों से हजारों इस तरह भी हम बदलाव ला सकते हैं।

अपने को छोड़ हमें सभी में बुराइयां दिखती है - इंसानी व्यक्तित्व की यह भी सबसे बड़ी खूबी है कि उसे खुद को छोड़कर सभी और बुराई ही नजर आती है। उसे हर व्यक्ति में कुछ न कुछ कमी नजर आती है। हम यह भूल जाते हैं कि दुनिया में कोई भी व्यक्ति संपूर्ण नहीं हैए कमी कुछ न कुछ सभी में होती है। जब हम अपने को पाक साफ समझने लगते हैं सारे दोष दूसरों में देखने लगते हैं। ऐसे माहौल में हम खुद को कभी नहीं बदल सकते। खुद के बदलाव का कारण बनने के लिए अपनी कमियों को मानिए व उन्हें स्वीकार कीजिए। जिस दिन हम यह मानना शुरु कर देते हुए बदलाव की शुरुआत कर देते हैं।

बदलाव का उदाहरण बनकर ही हम दूसरों को कह सकते हैं - अक्सर ऐसा भी होता है कि हम दूसरों में सुधार के लिए उनकी कमियों को लेकर लंबे लंबे भाषण दे डालते हैं। हमें पता होता है कि कमियां हम में भी हैं लेकिन भाषण देने में यकीन करते हैं। दूसरों को कहने का अधिकार भी हम तब तक ही रखते हैं जब हम वो बदलाव खुद में कर चुके हैं स्वयं को रोड मॉडल बनाकर ही हम दूसरों को लिए इस बदलाव के लिए तैयार कर सकते हैं।

दुनिया को बदलने से पहले खुद को बदलने का ख्वाब देखें -हमारी दुनिया स्वयं से शुरु होती है। इसलिए दुनिया को बदलने का ख्वाब देखा है तो अच्छी बात है लेकिन उससे पहले खुद को बदलने का ख्वाब देखिए। खुद को अपनी दुनिया को बदलेंगे तो आपके आस पास अपने आप ही बदलाव की शुरुआत हो जाएगी। दुनिया में जितने भी बड़े बदलाव हुए है उनमें व्यक्ति विशेष का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्वामी विवेकानंद महात्मा गांधीए डॉ एपेजी अब्दुल कलाम सहित सैंकड़ों उदाहरण हैं जहां किसी एक ने खुद को अपनी दुनिया को नहीं दूसरों की दुनेिया को भी बदल दिया। इसलिए खुद को बदलने का सिर्फ ख्वाब देखिएए जरूरी हो तो उसमें बदलाव कर उसे निखारते रहिए।

दूसरे बदलेंए यह कहने का हक हमें नहीं है - दूसरों को भाषण देना हमारे स्वभाव में होता है। हम दूसरों को बदलने के लिए बड़े बड़े भाषण देते हैं। जब हम खुद नहीं कुछ कर पा रहे हैं तो दूसरों को कहने का भी हमें कोई अधिकार नहीं है। इस अधिकार को पाना चाहते हैं तो पहले खुद आप अपने जीवन में वो कुछ करके दिखाइए जो बदलाव आप दूसरों से उम्मीद करते हैं। इंसान ने हजारों सालों में खुद को बदलाए तभी इंसान यहां तक पहुंचा है। बदलाव इंसानी स्वभाव है इसलिए पहले दूसरों को नहीं अपने में बदलाव की कोशिश कीजिए। बुराइयां लीड कर रही हैं तो अच्छाइयां कहां से आएंगी रू जीवन को आलस कामचोरी  बैक बाइटिंग तनाव अवसाद व खुद पर व दूसरों पर अविास जैसी चीजें लीड कर रही हैं तो जीवन में अच्छा कैसे होगा ऐसा कर हम खुद को ही खराब नहीं कर रहे होते हमारे आस पास के लोगों में भी यही पैदा हो जाता है। अपने व दूसरों के जीवन को अच्छा बनना चाहते हैं तो अच्छा करेंए अच्छा सोचें व अच्छे के लिए ही सहयोग करें। अच्छा करने में ही मदद करें। ऐसा कर जीवन पर नहीं कॅरियर पर ही विजय पा लेंगे।

जीवन के हर क्षेत्र में खुद को बदलने वाले ही लीडर बनते हैं - जीवन के किसी भी क्षेत्र को देखिए आपको लीड करते हुए वही लोग नजर आएंगे जिन्होंने खुद को बदला है। उन्होंने काम व्यवहार परिवेश  व्यक्तित्व जीवन में बड़े बदलाव किया है तभी ये लोग जीवन में कुछ अचीव कर सके हैं। कुछ बनना चाहते हैंए पाना चाहते हैं तो बैठने से कुछ नहीं होगा। पहले अपने जीवन को लीड करना सीखें। दूसरों को व कार्यक्षेत्र को लीड करना आप खुद सीख जाएंगे। जीवन को आलसए कामचोरी बैक बाइटिंग तनाव अवसाद व खुद पर व दूसरों पर अविास जैसी चीजें लीड कर रही हैं तो जीवन में अच्छा कैसे होगाए ऐसा कर हम खुद को ही खराब नहीं कर रहे होतेए हमारे आस पास के लोगों में भी यही पैदा हो जाता है
 

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