वृक्षारोपण मे बच्चों ने दिखाया उत्साह

वृक्षारोपण मे बच्चों ने दिखाया उत्साह
  • सांसे हो रही कम आओ पेड़ लगाएं हम।। 
  • वृक्ष लगाओ संसार को स्वर्ग बनाओ

वृक्षारोपण सप्ताह  के शुभ अवसर पर  पर्यावरण हित को ध्यान में रखते हुए सुल्तानपुर जनपद के लम्भुआ विकास खंड के शोभीपुर गांव में पौधरोपण किया गया। गांव के सम्मानित सदस्य एवं प्रगतिशील किसान सभापति सिंह एवं इंजीनियर सुरेंद्र बहादुर सिंह  के घर पर स्थित पोषण गृह वाटिका में विभिन्न फलदार

वृक्षों जैसे आम, संतरा, बेर, पपीता, जामुन आदि के उन्नतशील प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर घर के बच्चों आद्विक परिहार, तेजस परिहार एवं आदित्य परिहार तथा परिवार के सदस्यों द्वारा पयार्वरण की बारे में विस्तार से चर्चा की गई।

परिवार के सदस्य एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ विनोद कुमार सिंह ने पर्यावरण प्रदूषण के कारणों, दुष्प्रभाव एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि आज विश्व के समक्ष दूषित पर्यावरण एक बहुत बड़ी समस्या है। यह हमारी धरती को, जनजीवन को एक दिन निगल लेगा।

हमारे भारत देश में भी पर्यावरण की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, जल प्रदूषण और अन्य सभी प्रदूषण की समस्या दिनोदिन बढ़ती जा रही है। कुएं और तालाब जल विहीन हो रहे हैं। तमाम नदियां भी अस्तित्व विहीन हो चुकी हैं।

हवा विषाक्त हो रही है। ध्वनि प्रदूषण मानक से कहीं ऊपर है। कुल मिलाकर पर्यावरण बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच रहा है। हम पेड़ - पौधों को लगातार काटते जा रहे हैं तथा धरती पर पेड़ - पौधे एवं वन कम होते जा रहे हैं। आधुनिकता की अंधी दौड़ में हम अपने भौतिक सुख के लिए कंक्रीट के जंगल उगाते जा रहे हैं!

तथा भूगर्भ जल का अंधाधुंध दोहन करते जा रहे हैं। इसका दुष्परिणाम हमारी अगली पीढ़ी को अवश्य ही झेलना पड़ेगा। हम भावी पीढ़ी के सुख-साधन बढ़ाने में जुटे हैं। परंतु हम यह कतई नहीं सोच रहे कि अगर उन्हें स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल एवं शुद्ध भोजन नहीं मिलेगा तो वे इस धन-संपदा का क्या करेंगे। हमारी भावी पीढ़ी जब प्रदूषित हवा और पानी के कारण बीमार ही रहेगी एवं अकाल मौत मरेंगे, पानी के लिए मार-काट मचेगी।

तब हमारे द्वारा जोड़े गए सुख-साधन बेकार होंगे और इनका कोई अर्थ नहीं रहेगा। इस कंक्रीट के जंगल में कोई रहने वाला ही नहीं होगा। ऐसे में समाज और सरकार सबको सोचना चाहिए। भावी पीढ़ी के लिए स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी एवं शुद्ध भोजन से ज्यादा जरूरी और कुछ नहीं है। इस दिशा में हम सबको सम्मिलित प्रयास करने होंगे।

वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण को घटाने के सभी उपाय तत्काल ईमानदारी के साथ शुरू करने होंगे। जल संरक्षण पर बहुत काम करने की जरूरत है। यह कार्य सामूहिक स्तर पर करना होगा। हमें अपने बच्चों को भी इसके लिए जागरूक करना होगा।

उनमें पौधे रोपड़, जल संरक्षण करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने की आदत डालनी होगी। तभी हमारी धरती हमारी भावी पीढ़ी के रहने और जीने लायक रह सकेगी।

 इस अवसर पर घर के बच्चों तेजस परिहार, आद्विक परिहार एवं आदित्य परिहार पेड़ पौधों के पर्यावरण में योगदान एवं उनसे अर्जित होने वाले लाभों से प्रेरित होकर उत्सुकता पूर्वक पौधरोपण किया साथ ही साथ घर के अन्य सदस्य वीरेंद्र विक्रम सिंह, विकास सिंह, शालिनी सिंह, निशा सिंह, डॉ0 विनोद कुमार सिंह, इ0 सुरेंद्र बहादुर सिंह एवं सभापति सिंह ने पौधरोपण किया।

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