सवाल उठ रहे हैं

   सवाल उठ रहे हैं

लेखक मान सिंह नेगी 

 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अत्याधिक जुर्माने की राशि बढ़ने  पर खट्टी मीठी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है.

 कुछ जनता इसके पक्ष में होते हुए कह रही है.

परिवर्तन संसार का नियम है.

 यातायात को सुधारने के लिए नियम अच्छे हैं. बावजूद इसके जुर्माने की राशि अत्याधिक है.

 हालांकि मोहन सक्सैना के द्वारा उठाए गए सवालों की जिम्मेदारी या सरकार एवं उनके द्वारा चुने गए संबंधित अधिकारी को उठानी ही होगी.

यह उनका कर्तव्य है.

यह उनका अधिकार भी सड़कों पर जो गड्ढे होते हैं.

 उनकी जवाबदेही किसकी है? 

 जब यातायात सिग्नल खराब रहता है. जिससे यातायात को नियंत्रित किया जाता है.

 वहीं लंबे समय तक खराब पड़ा रहता है. उसकी सुध कौन लेगा? 

 उसकी जिम्मेदारी किस संबंधित अधिकारी की है?  कौन है उस खराब सिग्नल के लिए जिम्मेदार? 

जो सवाल उठ रहे हैं वह बहुत ही महत्वपूर्ण है.

कई सड़कों पर बिजली लाइट्स का प्रबंध नहीं है.

 इसके लिए कौन जिम्मेदार है? 

 कौन लेगा इसकी जिम्मेदारी? 

 नहीं, नहीं वास्तव में आप ही बताएं कौन है इसका जिम्मेदार? 

 क्या जनता को सुविधाएं देना आपका कर्तव्य नहीं है? आप ही बताएं क्या इसमें कोई संदेह है? 

 जनता को सुविधाएं मिलनी ही चाहिए.

जहां लाइट्स बिजली का प्रबंध नहीं होता.

वहां पर अपराधिक मामले घट सकते हैं.

कभी आपने इस बारे में सोचा या ध्यान दिया है.

उसकी जवाबदेही किसकी है? 

 मोहन सक्सेना का अंतिम सवाल भी बहुत ही महत्वपूर्ण है.

 जो व्यक्ति 8 से ₹10000 कमाता है.

वह 23000 का चालान कैसे भरेगा? 

इस सवाल के जवाब में यही कह सकते हैं. आठ से ₹10000 कमाने वाले को अपनी जेब अनुसार चालान कटवाना चाहिए.

 जैसे हेलमेट ना पहनना ₹1000 जुर्माना है.

फिर भी आपके पास 7 से ₹9000 बचता है. सावधान रहें,  सतर्क रहें.

 अपनी गाढ़ी कमाई तनख्वाह  को बचाकर चले.

 यातायात के नियमों का पालन करें. 

यातायात के नियम हमारी सुरक्षा,  हमारी सुविधा के लिए है.

 यातायात के समस्त नियमों का पालन होना ही चाहिए? 

कौन से अभिभावक होंगे जो चाहेंगे उनका बच्चा बिगड़ैल हो जाए. 

परंतु बच्चा बिगड़ैल हो जाए तो उसे काबू करने के लिए अभिभावक साम-दाम-दंड-भेद अपनाते हैं.

 इसीलिए आप सब से अनुरोध है सतर्क रहें सावधान रहें यातायात के नियम का पालन होना ही चाहिए.

यह हमारी नैतिक जिम्मदारी है. 

 एमएसएन विचार सबको मालूम है. 1 सितंबर 2019,  से यातायात नियम के अनुसार यातायात के नियमों का उल्लंघन करने पर हेलमेट ना पहनने पर ₹1000 जुर्माना है?  

क्या यह जुर्माने की राशि आप सबको मालूम है? 

 जरा विचार कीजिए? 

क्या जेबरा क्रॉसिंग पार करके खड़ा होने मे आप अपनी शान समझते है? 

क्या आप जेबरा क्रॉसिंग पार करके खड़े होकर राजा कहलाएंगे.

 जरा विचार कीजिए अंत में हम सरकार से अनुरोध करते हैं वास्तव में बढ़े हुए किराए बेतहाशा हैं.

 इन्हें न्यूनतम करने पर अमल किया जाए शीघ्र अति शीघ्र.

हम यह भी जानते हैं 20% लोग यातायात के नियमों का उल्लंघन करते हैं.

 उन्होंने ही इस प्रकार से त्राहि-त्राहि मचा रखी है.

 बावजूद इन सबके यातायात के जुर्माने की राशि अत्यधिक है.

 इसे न्यूनतम से न्यूनतम पर लाया जाए.

जिससे घर परिवार को चलाने में परेशानियां मुसीबतों का सामना ना करना पड़े

हमे भी यातायात के नियमो का पालन करने मे अपना सहयोग देना ही होगा. 

यातायात नियमो का उल्लंघन वही करे जो अपने को उसे प्रतिदिन भरने मे सक्षम हो अन्यथा वह हर महीने आर्थिक तंगी का शिकार हो जाएगा. 

सावधान रहे यातायात के नियमो को पालन करे. 

सरकार को भी देशवासियों के हित मे चालान को न्यूनतम करना चाहिए. 

इतिश्री

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