विरोधी ग्रहों के रत्न....

विरोधी ग्रहों के रत्न....

परस्पर विरोधी ग्रहों के रत्न रत्नों की रश्मि शक्ति नैसर्गिक रूप से जातक में ऊर्जा का संचार करती है। रत्न अपने ग्रह की शक्ति जातक के अंदर बढ़ा देते हैं।

अतः जातक को रत्न धारण करने में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। परस्पर विरोधी ग्रहों के रत्न एक साथ धारण नहीं करना चाहिए।जो ग्रह कारक व शुभत्व प्रदाता हों, उनके रत्न धारण करने से ग्रह की शुभता में वृद्धि होगी तथा अकारक व अशुभ ग्रहों के रत्न अशुभता में वृद्धि कर जातक को नुकसान पहुंचा सकते है।

निम्न रत्नों को एक साथ नहीं पहनना चाहिए : -

माणिक्य के साथ- नीलम, हीरा, गोमेद, लहसुनिया वर्जित है।

मोती के साथ- हीरा, मूंगा, गोमेद, लहसुनिया वर्जित है।

मूंगा के साथ- पन्ना, व नीलम वर्जित है।

पन्ना के साथ- पुखराज, व मोती वर्जित है।

पुखराज के साथ- हीरा, नीलम, पन्ना व गोमेद वर्जित है।

हीरे के साथ- माणिक्य, मोती, मूंगा, पुखराज वर्जित है।

नीलम के साथ- माणिक्य, मोती, पुखराज वर्जित है।

रत्न , जातक के लग्न से निर्धारित होते हैं राशि से नहीं।

इति शुभम्

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