वोटर और गधा......

वोटर और गधा......

मेरे ये दो शब्द आपके जहन में उतर जाएंगे और जब आप चुनाव में बटन दबाएंगे तो जरूर आपको याद आएंगे एक कहानी है

जो मैंने कहि पढ़ी थी जो पूरी सही से नही याद लेकिन उसका भाव मेरे जहन में अभी भी जिसे में समझ गया और शायद आप भी समझे......

एक नेता वोट माँगने के लिए एक बूढ़े आदमी के पास गया । और उनको 1000/- रुपये पकड़ाते हुए कहा, "बाबा जी, इस बार वोट मुझे दें।" बाबा जी ने कहा, बेटा मुझे पैसे नही चाहिए। वोट चाहिए तो एक गधा खरीद के ला दो ! नेता को वोट चाहिए था, वो गधा ढूँढने निकला।

मगर कहीं भी 20,000/- से कम क़ीमत पर कोई गधा नही मिला। तो वापस आकर बाबा जी से बोला, मुनासिब क़ीमत पर कोई गधा नही मिला। कम से कम 20,000/- का एक गधा है। इसलिए मैं आपको गधा तो नहीं दे सकता।

बाबा जी ने कहा, "बेटा, वोट माँग कर शर्मिंदा ना करो!" "तुम्हारी नज़र में मेरी कीमत गधे से भी सस्ती हैं! जब गधा 20,000/- से कम में नही बिका तो मैं तो इंसान हूँ 1000/- में कैसे बिक सकता हूँ ?

बात समझ मे आगई होगी मैं कहना क्या चाहता हूँ बाकी आपकी मर्जी आप क्या सोचते है....

 

जागो मतदाता जागो अपनी कीमत पहचानो.. .....आनंद वेदान्ती त्रिपाठी

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