या अली या हुसैन की सदाओं से गूंज उठा बिसवां।

या अली या हुसैन की सदाओं से गूंज उठा बिसवां।

नरेश गुप्ता /अयूब खान की रिपोर्ट

या अली या हुसैन की सदाओं से गूंज उठा बिसवां।

 

बिसवां सीतापुर

आज तारीख 22 सफर की रात मो० शेख़सरांय मैं अनीश आबदी के मकान पर हर साल की तरह इस साल भी बड़े ही पुरखुलूस अंदाज में चेहल्लम मनाया गया। जिसमें हजरत इमाम हुसैन की मजलिस की गई जिसको मौलाना जमन हैदर जैतपुरी ने खिताब किया मजलिस के बाद आग का मातम किया गया

जिसमें तमाम हजरात ने शिरकत किया। आग के मातम के बाद नौहा ख्वानी और सीना जनी हुई जिसमें नौहा पढ़ने वालों ने अपनी बुलंद आवाज में खिराज ए अकीदत पेश किया दूसरे दिन सुबह यानी 23 सफर को अनीस आबदी के मकान पर एक मजलिसें अजा  मुनक्कीत हुई जिसको मौलाना जमन हैदर

जैतपुरी ने खिताब फरमाया मजलिस के बाद जुलूस सीना जनि और नौहा ख्वानी करते हुए निकाला गया यह जुलूस अनीस आबदी के मकान से काजी टोला पहुंचा जहां पर जंजीर जनि और कमा जनि कर के हुसैन को खून का

पुरशा दिया गया इसके बाद यह जुलूस ताजिया व आलम के साथ कर्बला हजरत गुलजार शाह पहुंचकर सुपुर्द ए खाक किया गया। इस मौके पर अंजुमन के सदस्य व जुलूस को देखने वालों की भीड़ लगी रही।

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