योगी जी के अफसरों की बाजीगरी जीवित को घोषित किया मृत

योगी जी के अफसरों की बाजीगरी जीवित को घोषित किया मृत

 

जहानाबाद/बिंदकी/फतेहपुर


 

 फतेहपुर के थाना जाफर गंज के अमौली ब्लाक से एक हैरतअंगेज ताजा मामला प्रकाश में आया है जिसके तहत जीवित महिला एवं उसके परिजनों द्वारा छह बीघे खेत को हड़पने के उद्देश्य से महिला के पति द्वारा महिला का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया है जहानाबाद के कीरत सिंह का पुरवा मजरे कपिल में 15 जनवरी 2019 को श्रीमती सिया दुलारी पत्नी गंगाराम के नाम से एक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है जबकि नजफगढ़ घाट का मृत्यु प्रमाण पत्र 10 अगस्त 2019 को जारी किया गया है

मामला बहुत ही संगीन है और तब प्रकाश में आया जबकि उसके पति द्वारा उस जमीन का सौदा किया जाने लगा ग्रामीणों के अनुसार सिया दुलारी एवं रामदुलारी एक ही स्त्री का नाम है जबकि योगी जी के जांबाज एवं ईमानदार अधिकारियों ने ग्राम प्रधान एवं पति द्वारा मिलीभगत करके मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि फोन पर ग्राम प्रधान के पुत्र एवं प्रतिनिधि ने बताया के मेरे द्वारा या मेरी मां के द्वारा कोई भी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है

जबकि हमारे रिपोर्टर  को  प्रधान द्वारा  बिना तारीख का  जारी किया गया  मृत्यु प्रमाण पत्र  मिला है ग्रामीणों ने बताया कि पिछले ढाई साल में गांव में बड़े से लेकर छोटे तक किसी भी स्त्री की मृत्यु नहीं हुई है और यह प्रमाण पत्र पूरी तरीके से फर्जी व गलत है और इसकी रचना केवल असंवैधानिक तरीके से भारी रकम लेकर की गई है इस संबंध में जब तत्कालीन ग्राम पंचायत सेक्रेटरी जीतेंद्र कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि किरतपुर के एक दर्जन लोगों से तहकीकात करने के बाद जब मैं पूरी तरीके से आश्वस्त हो गया

कि महिला की मृत्यु हो गई है तब मैंने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जो की एडीओ पंचायत अमोली के हस्ताक्षर से निर्गत हुआ है इस संबंध में जब एडीओ पंचायत अवधेश नारायण से बात की गई तो उन्होंने बताया की पंचायत सेक्रेटरी द्वारा पूरी तहकीकात के बाद  यह प्रमाण पत्र जारी किया गया है  जब  हमारे संवाददाता ने  कहा  कि गांव में कोई भी कहने को तैयार नहीं है  की  इस बात की तहकीकात की गई है और तब प्रमाण पत्र जारी किया गया है  तब उन्होंने बगलें झांकते हुए अपनी बात बदल दिया और कहा कि मुझे अंधेरे में रखते हुए यह प्रमाण पत्र जारी कराया गया है जो कि पूरी तरीके से फर्जी है मैं इसी की जांच करने के लिए उप जिलाधिकारी श्री प्रहलाद सिंह के आदेश पर गांव आया हूं

और इसे तुरंत प्रभाव से निरस्त करने के लिए उप जिला अधिकारी को अपनी आख्या भेज रहा हूं और प्रमाण पत्र को यथाशीघ्र निरस्त कर दिया जाएगा जब उनसे पूछा गया  की  अगर इस प्रमाण पत्र के आधार पर उक्त छह बीघे जमीन की बिक्री हो जाती  तो वह क्या करते ? तो  इस बात का उनके पास कोई  उत्तर नहीं था इस संबंध में जब क्षेत्र पंचायत सदस्य विकास पाल पुत्र मुन्नीलाल पाल, अजय कुमार  पुत्र  राम रतन  भूतपूर्व  पंचायत सदस्य, अरविंद कुमार  पुत्र मुन्नीलाल ग्राम पंचायत सदस्य, जसवंत पुत्र छोटकऊ आदि लोगों  से जब बात की  गई तो उन्होंने बताया कि सेक्रेटरी एवं प्रधान द्वारा मोटी रकम लेकर उक्त प्रमाणपत्र जारी किया गया है सेक्रेट्री की यह बात बिल्कुल निराधार है कि उनके द्वारा जानकारी लेने के बाद प्रमाणपत्र जारी किया गया है

क्योंकि पिछले ढाई वर्षों से इस गांव में किसी भी स्त्री की मृत्यु नहीं हुई है। इस संबंध में  सियाराम पुत्र मंगली  निवासी  कीरत सिंह का पुरवा  ने  हल्फिया बयान देते हुए  बताया है कि राम दुलारी की शादी कल्लू के साथ हुई थी  कल्लू के मरने के बाद  रामदुलारी ने  गंगाराम पुत्र शिव बालक के साथ पुनः विवाह कर लिया  जिससे दो लड़के  संतलाल व लालू  तथा दो लड़कियां छेदी एवं सुमित्रा है  जिसमें छिदी की शादी हो चुकी है  गंगाराम ने सुनियोजित तरीके से  कागजों में  रामदुलारी का ही नाम सिया दुलारी अंकित करवा रखा है जबकि वास्तविकता यह है  की  सिया दुलारी और रामदुलारी  एक ही औरत का नाम है जो कि  आज भी जीवित है यदि  आवश्यक समझा जाए  तो  डीएनए टेस्ट करा कर  इस मामले का निस्तारण  कराया जा सकता है

या फिर  सिया दुलारी का  आधार कार्ड  जो कि अभी तक नहीं बना है  बनाया जाए  तो पूरी सच्चाई  अपने आप  निकल कर बाहर आ जाएगी जिसमें  दूध का दूध  पानी का पानी  हो जाएगा यहां पर  ध्यान देने वाली बात  यह है कि  नजफगढ़  का  जो प्रमाण पत्र जारी हुआ है  वह 10 अगस्त 2019 को  जारी किया गया है  जबकि पंचायत  सचिव द्वारा  15 जनवरी  19 को  ही  मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था  इस संबंध में  प्रधान ने भी  एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया है जिसको जारी करने की कोई भी तिथि अंकित नहीं की गई है केवल यह प्रमाणित किया गया है के 15 जनवरी 2019 को सिया दुलारी की मृत्यु हो गई है मृत्यु प्रमाण पत्र में गवाह के रूप में हस्ताक्षर करने वाले विजय पाल गंगाराम के सगे चाचा का लड़का है

जबकि उमेश सगे रिश्तेदारों में से एक है इस तरीके से उक्त तीनों ही प्रमाण पत्र शक के दायरे में हैं इसी को आधार मानते हुए एडीओ पंचायत अवधेश नारायण ने उक्त मृत्यु प्रमाण पत्र को निरस्त करने की अनुशंसा उप जिलाधिकारी महोदय से की है अब सवाल यह पैदा होता है की सूबे के ईमानदार मुखिया के मातहत क्या इतने बेईमान और भ्रष्ट हो गए हैं की ले देकर किसी जीवित को भी कागजों में मरा दिखा सकते हैं यह तो बहुत बड़ी चूक है जिसमें पूरा का पूरा विभागीय अमला बैकफुट पर आ गया है

जब जनता के सेवक ही जनता का शोषण करने लगेंगे तो फिर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का जनता को कैसे लाभ मिलेगा बेईमान और भ्रष्ट जनसेवक सूबे के मुखिया के उद्देश्यों की पूर्ति कैसे करेंगे कैसे भारत भ्रष्टाचार मुक्त होगा कैसे हर जरूरतमंदों को सरकार की सुविधाएं मिल सकेंगी ऐसे ढेर सारे सवाल है जो कि शासन और प्रशासन पर उंगली उठाते हैं

 

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