27%आरक्षण के लिए भाजपा ओबीसी मोर्चा ने दिया धरना

 
 27%आरक्षण के लिए भाजपा ओबीसी मोर्चा ने दिया धरना

 27%आरक्षण के लिए भाजपा ओबीसी मोर्चा ने दिया धरना

 हजारीबाग

 हजारीबाग भारतीय जनता पार्टी ओबीसी मोर्चा के द्वारा सताइ प्रतिशत आरक्षण झारखंड में लागू करने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर दिया गया। जिसकी अध्यक्षता मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजीत कुमार चंद्रवंशी और संचालन जिला महामंत्री बिनोद भगत ने किया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप यादव ने अपने संबोधन में कहा कि
जैसा कि सर्वविदित है कि झारखंड में पिछड़ी जातियों का आरक्षण 14% से बढ़कर 50% तक हो सकता है। राज्य पिछड़ा आयोग ने इसका प्रस्ताव वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार को कई माह पूर्व भेजा है। आयोग ने अपनी अनुशंसा में कहा है कि कुछ वर्षों पूर्व एक कमिटी तमिलनाडु और महाराष्ट्र में पिछड़ी जातियों को मिल रहे आरक्षण का अध्ययन किया है। तमिलनाडु में आबादी के अनुपातिक ओबीसी को 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। अब इस अनुशंसा पर राज्य सरकार को अंतिम निर्णय लेना है।
प्रस्ताव में आयोग ने स्पष्ट कहा है कि झारखंड में पिछड़ी जातियों की आबादी कुल आबादी का लगभग 55% है। इस आधार पर अभी जो 14% आरक्षण दिया जा रहा है, वह न्यायोचित और संवैधानिक नही है। 2019 में रघुवर दास के मुख्यमंत्रिव कार्यकाल में झारखंड सरकार ने आरक्षण का दायरा बढ़ाने के उद्देश्य से पिछड़ा वर्ग की आबादी सर्वे शुरू करवाया था।
विधानसभा चुनाव के दौरान झामुमो ने अपने घोषणापत्र में कहा था कि सरकार आने के एक माह के अंदर राज्य में पिछड़ा वर्ग के लोगों को सरकारी नौकरी में 27% आरक्षण दिया जाएगा। लेकिन जनता को गुमराह करने वाले झूठे वादे करके सत्ता में आई हेमंत सरकार 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी ओबीसी की मांग पर विचार करना तो दूर सत्ता में आते ही सबसे पहले पूर्व की रघुवर दास सरकार द्वारा शुरू कराए गए पिछड़ों का सर्वे भी बंद करवा दिया। इससे हेमंत सरकार का पिछड़ा वर्ग विरोधी चेहरा उजागर हो गया है।
अगस्त 2018 को श्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली भारत सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के संबंध में 123वां संविधान संशोधन विधेयक पास किया।
29 जुलाई 2021 को केंद्र सरकार ने NEET ऑल इंडिया कोटे के तहत ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का फ़ैसला किया।
आजादी के बाद पहली बार मोदी सरकार ने 27 पिछड़ा वर्ग के नेताओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया। केंद्र सरकार पिछड़ों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध एवं समर्पित है, सबका साथ सबका विकास की एक सकारात्मक पहल के साथ  मोदी जी और रघुवर दास जी की डबल इंजन की सरकार ने पिछड़ो के सर्वांगीक विकास किए जो ऐतिहासिक है।
ओबीसी मोर्चा ने महामहिम राज्यपाल से मांग किया कि राज्य सरकार को उसके वादे याद दिलाएं कि पहले कैबिनेट से पिछड़ो को 27% आरक्षण देने की घोषणा करें, उसके बाद ही नौकरियों के लिए विज्ञापन का प्रकाशन किया जाए। जिससे कि सर्वाधिक आबादी वाले पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को नौकरियों में समुचित लाभ मिले। जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहां की कॉन्ग्रेस ओबीसी विरोधी पार्टी है या सिर्फ दिखावा का कार्य कर रही है सरकार में शामिल होते हुए भी बाहर 27% आरक्षण के लिए आंदोलन कर रही है जो पिछड़ा वर्ग को सिर्फ बेवकूफ बनाया जा रहा है अगर कांग्रेस पार्टी में दम है तो सरकार पर दबाव बनाकर इसे कैबिनेट में जल्द से जल्द पास करवाएं।
 धरना को मुख्य रूप से प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुदेश चंद्रवंशी, बटेश्वर मेहता, भैया अभिमन्यु प्रसाद, अनिल मिश्रा जिला पदाधिकारी सुनील साहु, मूलचंद साव, नंदलाल मेहता ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनोज गुप्ता, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मुखलाल प्रसाद मेहता जिला महामंत्री कैलाश कुमार, रामजी कुशवाहा, दिलीप मेहता, बद्री मेहता, टिंकू मेहता, रंधीर कुमार अलबेला, उमेश प्रसाद कुशवाहा, सिताराम कुशवाहा, जिला मंत्री महेंद्र ठाकुर, अकाश गुप्ता, सदर मंडल अध्यक्ष मंटू कुमार, पंकज मेहता, बह्मदेव ठाकुर, सचिन साव, एससी मोर्चा जिला अध्यक्ष महेंद्र बिहारी अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष सैयद तनवीर हसन, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सरफराज हैदर, सुधीर वर्मा आदि उपस्थित थे।
धन्यवाद ज्ञापन  कार्यालय मंत्री राजन वर्मा द्वारा किया गया।

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