गोड्डा में पत्रकार को माफियाओं के खिलाफ लिखना पड़ा महँगा, पत्रकार समेत पूरे परिवार को जान मारने की कोशिश

 
गोड्डा में पत्रकार को माफियाओं के खिलाफ लिखना पड़ा महँगा, पत्रकार समेत पूरे परिवार को जान मारने की कोशिश

गोड्डा में पत्रकार को माफियाओं के खिलाफ लिखना पड़ा महँगा, पत्रकार समेत पूरे परिवार
को जान मारने की कोशिश

 
    ■  अगर आप पत्रकार हैं तो आपके साथ कुछ भी हो सकता है, क्योंकि देश का चौथा स्तंभ खतरे में, प्रशासन से बेखौफ अपराधी


 
गोड्डा/झारखंड:- 


गोड्डा जिला के मेहरमा थाना क्षेत्र में बीते दिनों से लगातार पत्रकार पर हमला जारी है। यहाँ के अपराधी बेखौफ हैं। इन्हें न तो कानून का डर है और न ही प्रशासन का भय। इसी बीच गोड्डा के पत्रकार मो० अली हुसैन को माफिया के खिलाफ खबर लिखना महँगा पड़ गया। 
  
    आपको बताते चलें कि पत्रकार मो० अली हुसैन के द्वारा बालू माफिया, गांजा तस्करी करने वाले माफिया के कई मामलों का खबर प्रकाशन किया गया था। खबर प्रकाशन के बाद से आरोपी मो रियाज को इस प्रकार की ख़बरें गवारा ना हुआ। जानकारी के मुताबिक मो० रियाज अवैध रूप से बालू का डिपो चलाते है व गांजा तस्करी का धंधा करते हैं। अवैध बालू डिपो व गाँजा तस्करी की ख़बरें प्रकाशित होने के बाद आखिरकार उन्होंने पत्रकार को जान मारने की योजना बना। जानकारी के मुताबिक जब मो० रियाज को मौका नहीं मिल पाया तो वे जमीन विवाद का मामला उठाकर पत्रकार के घर आ धमके। जब पत्रकार ने पूछा क्या मामला है तो मो रियाज, मो गुलफाम, मो इमरान व मो गुलफराज मोटे-मोटे लोहे के रड से मारना शुरू कर दिए। इसी बीच परिवार वालों ने पत्रकार को किसी तरह बचाया। लेकिन बीच बचाव करने आए भाई मो० फैयाज के ऊपर रड मारने से उनका सर फट गया। घटना की जानकारी पत्रकार मो० अली ने थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा को दी कि उन लोगों का मंसूबा जान मारने की है और उनलोगों ने हमारे भाई का सर रड से मारकर फाड़ दिया है। इसपर थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने पत्रकार को पहले थाना आने की बात कही। पत्रकार मो० अली ने बताया कि जब वे अपने भाई का इलाज कराने अस्पताल आ रहे थे तो पत्रकार पर बीच रास्ते में आरोपी मो० रियाज ने रिवाल्वर तान दी जिससे पत्रकार मो० अली सहम गए। इसके बाद सभी ने मिलकर रड से मारना शुरू कर दिया जिससे पत्रकार मो० अली के दोनों हाथ टूट गए। इसके बाद पत्रकार वहीं बेहोश हो गिर पड़े। फिर आरोपियों ने पत्रकार का लोगो लगे बाइक पर भी रड बरसाना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना मिलने पर प्रशासन घटनास्थल पर पहुँचा और ने आनन-फानन में घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। जिसके बाद हालात को देखते हुए समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहरमा ने गोड्डा रेफर कर दिया। फिर गोड्डा अस्पताल के डॉक्टर ने स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल भागलपुर रेफर कर दिया। 

    इस बात से साफ पता लगाया जा सकता है कि किस प्रकार आरोपियों  ने पत्रकार पर हमला किया होगा।

     सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केस को नया मोड़ देने के लिए दूसरे पक्ष के लोग अपने ही परिवार की एक महिला को सर में ईंट मारकर थाना ले आए। अब सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि क्या पत्रकार सच्चाई नहीं लिख सकता है? क्या माफिया तस्करों के खिलाफ लिखना गलत है? खबर लिखने के बाद पत्रकार के साथ इस तरह का बर्ताव कहां तक सही है? या फिर प्रशासन को माफिया, बेखौफ अपराधी चुनौती दे रहे हैं? आए दिन पत्रकारों के साथ मेहरमा थाना क्षेत्र में हो रहे हमले पर प्रशासन क्या कर रहे हैं? अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिला प्रशासन इस मामले मे कोई कार्रवाई करता है या फिर केस में नया मोड़ आता है। अगर इसी तरह केस में नए- नए मोड़ आने लगागे तो पत्रकार के साथ माफियाओं का खेलना आम बात हो जाएगा।

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