राशन कार्ड नहीं बनने से गरीब महिला का जीवन यापन हुआ मुश्किल

 
राशन कार्ड नहीं बनने से गरीब महिला का जीवन यापन हुआ मुश्किल

राशन कार्ड नहीं बनने से गरीब महिला का जीवन यापन हुआ मुश्किल

पालोजोरी देवघर झारखंड से राजेश कुमार भगत की रिपोर्ट

कहने को तो सरकार कई योजनाएं गरीबों के उत्थान के लिए चला रही हैं लेकिन क्या वास्तव में सभी समाज के अंतिम वंचित परिवार तक इन योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है?और आइए इन्हीं सवालों पर  बात करते हैं, देवघर जिले के पालोजोरी प्रखंड के अंतर्गत ठेंगाडीह ग्राम में रहने वाली एक गरीब महिला रीता देवी की जिनके परिवार में पति और एक पुत्र समेत कूल 3 सदस्य हैं। उनके पुत्र मानसिक रूप से बीमार है और इनके पति अशोक साह भी पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे हैं जिनका इलाज भी यह महिला बेहद ही मुश्किल परिस्थितियों का सामना करते हुए करा रही है। रीता देवी कहती है कि वह अपने पति का पिछले 6 महीनों से इलाज करा रही है इस क्रम में उनका लगभग 60 से 70 हजार रुपए खर्च हो चुका है। इस कारण से इनकी आर्थिक स्थिति और भी दयनीय हो चुकी है घर में एकमात्र कमाने वाले इनके पति है जिनके बीमार रहने के कारण आय का सभी स्रोत भी बंद हो चुका है। अब इनके सामने परिवार का भरण पोषण करना बहुत ही मुश्किल हो चुका है। घर का जो भी जमा पूंजी था वह पति और पुत्र के इलाज में खर्च हो चुका है।उक्त महिला ने बताया कि उसने एक साल पूर्व खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था।

आवेदन लेकर वह पंचायत सचिव और मुखिया से हस्ताक्षर कराने के बाद वह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को जमा कर दी लेकिन उसके बावजूद भी इनका राशनकार्ड अब तक नहीं बन पाया है। ऐसे में इनका जीवन यापन करना काफी मुश्किल हो चुका है, राशन कार्ड नहीं होने के कारण इन्हें कोई अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। सवाल यह है कि जब गरीबों तक उनके उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाएं पहुंच ही नहीं सकती तो ऐसी जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई ही क्यों जा‌ रही है?

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अच्छादित होने की सभी अहर्ता पूरी करने के पश्चात भी रीता देवी का राशन कार्ड नहीं बनना कहीं ना कहीं विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। इस संबंध में जब प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी राशन कार्ड बनना बंद हो गया है फिर भी वे आवेदन लेकर कोशिश करेंगे की इनका राशन कार्ड बन जाए। वही रीता देवी ने बताया कि यदि उनका राशन कार्ड नहीं निर्गत होता है तो वह जिले के खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी और उपायुक्त महोदय को आवेदन देकर अपनी समस्याओं से अवगत कराएगी।

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