उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन, कर्मचारी यूनियन के गठन की प्रक्रिया हुई पूरी

 
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन, कर्मचारी यूनियन के गठन की प्रक्रिया हुई पूरी

स्वतंत्र प्रभात।
प्रयागराज ब्यूरो।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मचारियों द्वारा अपनी न्यायिक और संगठनात्मक  समस्याओं को लेकर प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन श्रम हितकारी केंद्र, गवर्नमेंट प्रेस में सम्पन्न हुआ। मीटिंग में प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से सैकड़ों मिशनकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और उच्च न्यायालय के अधिवक्ता महाप्रसाद शामिल रहे। 

इस दौरान  मिशन कर्मचारियों से जुड़े न्यायिक, जनवादी और संवैधानिक मसलों पर बहस हुई और न्यायिक लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। और साथ में यूनियन के गठन की प्रक्रिया भी पूरी की गई। यूनियन में अध्यक्ष पद पर सिद्धार्थनगर जिले में कार्यरत राम किशोर का चुनाव हुआ। उपाध्यक्ष पद पर सामाजिक कार्यकर्ता और बिगुल मज़दूर दस्ता से जुड़े अविनाश का चुनाव हुआ। सचिव और कोषाध्यक्ष पद पर मेरठ में कार्यरत देवेश कुमार और अरुण पाण्डेय का चुनाव हुआ।

चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रामकिशोर ने कहा कि मिशन के द्वारा कर्मचारियों का मानसिक उत्पीड़न लगातार किया जा रहा है। ऐसे में ये बहुत जरूरी था की अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाने और मजबूती प्रदान करने के लिए यूनियन का निर्माण किया जाय। यूनियन कर्मचारी हितों को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मिशन कर्मचारियों के न्यायिक और संवैधानिक अधिकारों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता महाप्रसाद ने बात रखी जिसमें ट्रांसफर पॉलिसी, वेतन भत्ते पर लगी रोक और कार्यकाल के दुर्घटनाओं के शिकार कर्मचारियों के हकों की लड़ाई को कोर्ट के जरिए लड़ने के लिए आश्वासन दिया।

 इस दौरान महाप्रसाद ने बताया कि आज भत्ते और बीमा, मानक के हिसाब से वेतन बढ़ोतरी और कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए न्यूनतम वेतन लागू कराने के लिए आज पीआईएल और मिशन द्वारा ट्रान्सफर पॉलिसी के उलंघन पर  रिट याचिका फाइल करने की तैयारियां पूरी की जा चुकी है। 
 

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