निदेशक पंचायतीराज ने एडीओ को किया निलम्बित डीपीआरओ कार्यालय से सम्बद्घ रहेगे ।

गावों में गड़बड़ी करने के मामले में डीएम आर्यका अखौरी ने निलंबन की संस्तुति कर शासन को  लिखा पत्र।
 
निदेशक पंचायतीराज ने एडीओ को किया निलम्बित डीपीआरओ कार्यालय से सम्बद्घ रहेगे ।
ग्राम पंचायतों में नए प्रधानों के आने पर गावों में की गई गड़बड़ी का मामला आया सामने ।

सरस राजपूत (रिपोर्टर)

ज्ञानपुर भदोही ।

निलंबित सचिव के फंड ट्रांसफर आर्डर से 45. 33 लाख के भुगतान के मामले में आखिरकार डीघ के एडीओ अजय पांडेय निलंबित हो गए। करीब तीन माह पूर्व 11 गावों में गड़बड़ी करने के मामले में डीएम आर्यका अखौरी ने निलंबन की संस्तुति कर शासन को पत्र लिखा। निदेशक पंचायती राज ने उन्हें निलंबित किया। डीघ ब्लॉक में तैनात सचिव नितेश वर्मा को 24 फरवरी को निलंबित कर दिया गया था।

27 फरवरी को निलंबन आदेश को खुद सहायक विकास अधिकारी अजय पांडेय ने रिसीव किया। इसके बाद भी निलंबित सचिव के फंड ट्रांसफर आर्डर से 45.33 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। यही नहीं कौलापुर की अपने खास एक फर्म को एक मुश्त 33 लाख का भुगतान भी किया। ग्राम पंचायतों में नए प्रधानों के आने पर गावों में की गई गड़बड़ी का मामला सामने आया।

तत्कालीन डीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने 11 गांवों की जांच की तो खामियां पकड़ में आईं। जांच में पाया गया कि एडीओ ने बिना काम कराए ही कई जगह सरकारी बजट का भुगतान कर दिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर 2० जुलाई को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने जिला पंचायत राज अधिकरी को प्राथमिकी दर्ज कराने और रिकवरी का निर्देश दिया। एडीओ को निलंबित करने की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र लिखा। करीब ढाई महीने बाद पंचायती राज निदेशक ने एडीओ को निलंबित किया। 

जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि 45 लाख की गड़बड़ी में निदेशक ने निलंबित किया। निदेशक पंचायतीराज के निर्देश पर निलम्बन काल में अजय कुमार पाण्डेय सहायक विकास अधिकारी जनपद भदोही जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय से सम्बद्घ रहेगे। अजय कुमार पाण्डेय के विरूद्घ प्रख्यापित अनुशासनिक कार्रवाई के प्रकरण की जांच उप निदेशक (पं.)मिर्जापुर मण्डल मिर्जापुर को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

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