भदोही में दो अवैध क्लीनिक पर एफआईआर दर्ज।

विभागीय लापरवाही की मिलीभगत से खुलेआम फर्जी मेडिकल और हास्पिटल  होते है, संचालित ।
 
भदोही में दो अवैध क्लीनिक पर एफआईआर दर्ज।
विभाग के लोग मूकदर्शक बनकर  कर रहे है ,कार्य ।

संतोष तिवारी (रिपोर्टर)


भदोही।

सरकार भले ही स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए करोडों रूपये खर्च करके सरकारी हास्पिटलों में चिकित्सक, कर्मचारी और संसाधन की व्यवस्था करती है लेकिन स्थानीय स्तर पर विभागीय लापरवाही और मिलीभगत से खुलेआम फर्जी मेडिकल और हास्पिटल संचालित है। क्योकि इन सबके संचालकों की पकड़ जिले के बड़े अधिकारियों और नेताओं के वजह से कुछ नही होता है। जबकि विभाग के लोग खुब जानते है कि कहां कहां क्या क्या हो रहा है। बस विभाग के लोग मूकदर्शक बनकर कार्य कर रहे है। और जब कोई शिकायत करता है तो ऐसे जागते है जैसे पता चलता है कि उनको कुछ पता ही नही था नही तो पहले ही एफआईआर दर्ज करा देते।
 

एक ऐसा ही मामला जिले के दो अवैध क्लीनिक पर गोपीगंज थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि दो को बंद करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। शिकायत के बाद अधीक्षक ने जांच की। और शिकायत सही पाए जाने पर सीएमओ के निर्देश पर कार्रवाई अमल में लाई गई। जबकि पता होना चाहिए जांचकर्ता अधीक्षक महोदय गोपीगंज में ही तैनात है और जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी यदि जंगीगंज, सीतामढी जाते है तो रास्ते में बने सभी क्लीनिक और हास्पिटल दिखते है। लेकिन विभाग के अधिकारी तो किसी के शिकायत का इंतजार करते है भला ऐसे उनको क्या पडी है कि किसी अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक और हास्पिटल पर जाकर औचक निरीक्षण कर लें।

इसी मामले में अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी ने गोपीगंज में पापुलर हास्पिटल के अवैध संचालन करने की शिकायत की गई थी। सीएमओ के निर्देश पर गोपीगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशुुतोष कुमार ने जांच की, जिसमें क्लीनिक अवैध तरीके से संचालित होती पाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने तीन माह में दो बार क्लीनिक बंद करने का नोटिस भेजा परंतु उसके उपरांत भी संचालनकर्ता ए के कौशिक के द्वारा हॉस्पिटल नहीं बंद किया गया। अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र देकर क्लीनिक न बंद होने की शिकायत की। अधीक्षक ने सीएमओ के निर्देश पर संचालक डा ए के कौशिक के खिलाफ गोपीगंज थाने में केस दर्ज कराया।

एक बात यह है कि एक सामान्य आदमी पुलिस थाना में जाने से डरता है जबकि अवैध रूप से संचालित पापुलर हास्पिटल के संचालक ने अपने ग्राहकों की वृद्धि और पुलिस विभाग की कृपादृष्टि पाने के लिए कोतवाली गोपीगंज के मुख्य द्वार पर अपने अवैध हास्पिटल के नाम बोर्ड भी लगवा दिया। जिससे लोग डर कर शिकायत न करे या लोग भ्रम में रहे कि यह हास्पिटल वैध है तभी तो कोतवाली के मुख्य द्वार पर अपना बोर्ड लगवाया है। लेकिन हास्पिटल के संचालक को क्या पता था कि भदोही जिले में ऐसे ऐसे लोग है जो बाल की खाल निकाल लेते है।

हालांकि यह सब विभाग के लोगो की कृपा से ही होता है कहने को विभाग के लोग भले पल्ला झाड़े लेकिन सच्चाई यही है कि विभाग की मिलीभगत से जिले में असंभव चीजे भी संभव हो रही है। इसी तरह मिर्जापुर रोड पर स्थित दीया मेडिकल स्टोर में अवैध संचालन पर डा मणिकांत विश्वास के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया। नथईपुर बाजार में अवैध ढंग से संचालित डॉ. एसके यादव व गोपीगंज में स्थित मेडिकाइंड लैब पैथ के अवैध संचालन करने पर क्लीनिक वह लैब को बंद करने का नोटिस भेजा गया है। कहने को या दिखाने को विभाग भले ही कुल कार्यवाही कर दे लेकिन कुछ दिन बाद सब सामान्य हो जायेगा।

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