‌जिलाधिकारी तथा डीआईजी ने अंदावा में बने मूर्ति विसर्जन स्थल का किया निरीक्षण

‌मूर्ति विसर्जन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थायें चुस्त-दुरूस्त बनाने के दिये निर्देश।

 
‌जिलाधिकारी तथा डीआईजी ने अंदावा में बने मूर्ति विसर्जन स्थल का किया निरीक्षण

‌स्वतंत्र प्रभात 

‌प्रयागराज- ‌जिलाधिकारी तथा डीआईजी ने अंदावा में बने मूर्ति विसर्जन स्थल का किया निरीक्षण


‌जिलाधिकारी  संजय कुमार खत्री एवं डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी गुरूवार को अंदावा के पास बनाये गये मूर्ति विसर्जन स्थल का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मूर्ति विसर्जन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थायें चुस्त-दुरूस्त बनाये रखने के निर्देश दिये है। जिलाधिकारी ने मूर्ति विसर्जन हेतु स्वच्छ जल की व्यवस्था के साथ-साथ प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये है। 

उन्होंने प्रकाश के लिए विद्युत की व्यवस्था के साथ-साथ वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जनरेटर की व्यवस्था भी सुनिश्चित किये जाने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मूर्ति विसर्जन हेतु वाहनों के आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि मूर्ति विसर्जन स्थल के आस-पास कहीं पर भी जाम की स्थिति न होने पाये। जिलाधिकारी ने मूर्ति विसर्जन स्थल पर सर्तकता एवं सावधानी बरतने के निर्देश दिये है।

 उन्होंने कहा है कि कोई भी गहरें पानी में न जाने पाये। जिलाधिकारी ने मूर्ति विसर्जन स्थल पर स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, फायर विभाग के अधिकारियों की तैनाती किये जाने के साथ-साथ साफ-सफाई की भी समुचित व्यवस्था बनाये रखने का निर्देश दिया है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर मदन कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन  वी0एस0 दूबे सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

‌बता दें कि कुछ वर्ष पूर्व मूर्ति विसर्जन करते समय दो लोग पानी में डूब के मर गए थे जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई थी उस समय अ व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी क्योंकि विसर्जन का स्थल जिला प्रशासन द्वारा करने के बावजूद वहां व्यवस्था नाम की कोई व्यवस्था नहीं थी ।जिससे लोग गहरे पानी में विसर्जन करते समय चले गए और दो लड़कों की मृत्यु हो गई थी।


 इसके चलते वहां काफी हंगामा और विरोध हुआ था उस को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी और डीआईजी ने 1 दिन पूर्व ही वहां स्थल का निरीक्षण कर संभावित घटनाओं को ध्यान में रखकर सही दिशा निर्देश दिया। जिससे कि कोई भी अप्रिय घटना मूर्ति विसर्जन के समय न होने पावे।

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