स्वतंत्र प्रभात-दुष्कर्म पीड़िता को नही मिल रहा न्याय । आरोपी को बचाने के लिए राजनीतिक लगे ।

 

रामसनेहीघाट बाराबंकी मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी की सक्रियता से प्रदेश में अपराधों पर कुछ हद तक अंकुश तो लगे है परंतु कुछ थानों की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है

उचित कार्यवाही न हो पाने के कारण न ही अपराध में कमी और न ही अपराधियो में भय दिखता है जिससे यही प्रतीत होता है कि आज भी पूर्व शासन की भांति पुलिस और अपराधियों के भाईचारे की परंपरा चलती आ रही है जिससे निम्न वर्गो की जमीनों पर भूमाफियों का शिकंजा कसता ही जा रहा है

इनके इन्ही निरंतर प्रहारों से निम्न वर्ग लुप्त होता जा रहा है यदाकदा दिखते भी है तो वे केवल भट्टा, लकड़ी अड्डो के पास ही दिखते है यूं तो सभी की पीड़ा एक जैसी होती है परंतु निम्न वर्ग की पीड़ा को समझ पाना आलाधिकारियों के भी समझ से परे है देखा जाए तो निम्न वर्ग की पीड़ा को समझने का दायित्व क्षेत्रीय पुलिस का होता है परंतु वे भी अनदेखी करते रहते है जिस कारण पुलिस अधीक्षक जी को प्रार्थना पत्र देने को बाध्य हो जाते है

वैसे तो पुलिस अधीक्षक जी की टेबल पर अनेक शिकायत पत्र पहुचंते है वे सभी का निवारण करने का प्रयास भी करते है परंतु पुलिस अधीक्षक जी का प्रयास अन्य अधिकारियों की ढिलाई के कारण केवल समाचार पत्रों तक ही सीमित रह जाता है जिससे तत्काल कार्यवाही का न हो पाना ही निम्न वर्गो की समस्या का प्रगाढ़ रूप है यूं तो पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह जनपद को सुदृण व शांति बनाने के लिये भरपूर प्रयास कर रहे है परंतु आवश्यकता उन चौकी व थानों पर कार्यवाही करने की है जिनकी लचर कार्यप्राणली के कारण अत्यधिक शिकायत पत्र व शिकायतकर्ता पुलिस अधीक्षक जी के कार्यालय पर जमावड़ा दिखता है।

बात करते है दरियाबाद थाना अंतर्गत ग्राम नेवली दनापुर का दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि गाँव का दबंग गंगाराम जो गत 30 दिसम्बर 2017 की रात्रि लगभग ग्यारह बजे एक गरीब के घर मे घुसकर उसकी पत्नी के साथ बलपूर्वक दुष्कर्म किया उसके चिल्लाने व खटपट पर बूढ़ी माता आई तो गंगाराम ने असलहा दिखाकर डरा दिया और चला गया सूचना पर पीड़िता का पति जो बाहर मेहनत मजदूरी करता है घर आकर थाने में शिकायत किया किन्तु पुलिस जांच व कार्यवाही करना मुनासिब नही समझा ।

शिकायती पत्र के मुताबिक यह कोई पहला वाकिया नही है गंगाराम इसके पूर्व भी ऐसे ही मामले में जेल जा चुका है किंतु मुकामी पुलिस अपराधों व अपराधियो के खिलाफ कार्यवाही के बजाय अपराधों को बढ़ावा दे रही ,पीड़ित न्याय के लिए थाना व जिले के पुलिस मुखिया का दरवाजा खटखटा रहा है किंतु अभी तक उसकी पत्नी के साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट तक दर्ज नही हो सकी है ये तो रिपोर्ट दर्ज होंने के बाद ही जांच के बाद पता चल सकेगा कि घटना सही है अथवा नही किन्तु पीड़ित परिवार काफी परेशान है । रिपोर्ट-अमर बहादुर सिंह

PRAVEEN KUMAR TIWARI
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