स्वतंत्र प्रभात-भगवान भाव का भूखा होता है:कथा व्यास

 

 बलराम तिवारी


हैरिंग्टनगंज, फैजाबाद


        हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के अहरन सुवंश गांव के रघुवंशी पीठ बिरसिंहपुर शिव मंदिर पर कथा व्यास आचार्य अंकित पाण्डेय महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस में कहा कि भगवान सुंदर मन देखते हैं जाति-पाति नहीं देखते, भगवान ने उन कोल- भीलो को भी अपने गले से लगाया जो शरद ऋतु के समय 10 दिन स्नान नहीं करते थे।

भगवान अवस्था भी नहीं देखते अगर अवस्था देखनी होती तो ध्रुव जी की क्या उम्र थी। भगवान डिग्री भी नहीं देखते अगर डिग्री देखनी होती तो गजेंद्र कितना पढ़ा लिखा था। अगर जाति देखते होते तो विदुर जी की क्या जाति थी। अगर भगवान सुंदरता देखते होते तो कुब्जा कितनी सुंदर थी।

लेकिन उसको भी गले से लगाया गोस्वामी जी ने भी लिखा है-- जाति पाति पूछे नहीं कोई , हरि का भजे सो हरि का होई !! भाव का भूखा हूं मैं, भाव ही एक सार है ! भाव से मुझ को भजे तो, भव से बेड़ा पार है!! कथा पंडाल में बड़ी तादात में उपस्थित श्रोताओं ने महाराज जी के मुखारविंद से भजन की धुन सुनते ही भाव विभोर होकर झूम उठे।   

  इस मौके पर  सुरेश मिश्रा,संतोष कुमार, दिनेश मिश्र, जय प्रकाश, वृजेश कुमार, मातादीन,प्रभुदयाल आदि ने कथा श्रवण किया।
अहरन सुवंश में श्रीमद्भागवत कथा कहते कथा व्यास अंकित महाराज

DINESH JAISWAL
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