स्वतंत्र प्रभात-दबंग लेखपाल की धमकी व अपमान पीडित ब्रद्ध की मौत 

 


 सताँव(रायबरेली)

  स्वतंत्र प्रभात से राजेश कुमार

 

सतांव ब्लॉक क्षेत्र के कोन्सा ग्राम सभा में लेखपालों की एक टीम पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है।कोन्सा गाँव निवासी आशीष त्रिवेदी ने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को एक शिकायती पत्र भेजा है।

शिकायती पत्र में कोन्सा लेखपाल अमित सिंह व उनके साथ गई लेखपालों की टीम पर आरोप लगाया गया है कि ये टीम शनिवार को दोपहर  को गठित होकर आई और उनके पुश्तैनी  जमीन पर चल रहे  निर्माण को रोकने लगी।करीब 70 वर्षीय आशीष के पिता नीरज त्रिवेदी को इन लेखपालों ने भूखण्ड  से कब्जा हटाने के लिए कहा  

धमकाया और उन्हे गाँव के अनेक सम्मानित लोगों के सामने अपमानित भी  किया।आशीष के पिता यह मानसिक उत्पीडन बर्दाश्त नहीं कर सके और लेखपालों के जाने के बाद अचानक उनकी हृदय गति रुक गयी और उनकी मौत हो गयी।आशीष ने अपने पिता की मौत का जिम्मेदार उन सभी  लेखपालों को ठहराते हुये पूरे मामले की  जाँच की माँग की है।

         जानकारी के अनुसार  कोन्सा गाँव में आशीष त्रिवेदी पुत्र नीरज त्रिवेदी का स्थायी आवास है। आवास के सामने उनका सहन है।इस भूखण्ड पर आशीष निर्माण करा रहे हैं।दस मई को उनके पडोस में रहने वाली रजनी पत्नी कमला ने इसी भूखण्ड को अपना बता कर निर्माण रुकवाने की कोशिश की मगर  थानाध्यक्ष गुरुबख्श गंज  जमीन के कागजात देखने के बाद आशीष का निर्माण रोकने से मना कर दिया।प्रतिपक्षी रजनी से भी पुलिस ने साक्ष्य मांगे लेकिन वह नहीं दिखा सकी।

           मुख्य घटना 12 मई शनिवार को तब घटी जब बिना किसी शिकायत या बिना किसी अधिकारी का आदेश लिए कोन्सा लेखपाल अमित सिंह अपने तीन अन्य लेखपाल मित्रों के साथ आशीष के भूखण्ड पर पहुंचे और कार्य करा रहे आशीष के 70 वर्षीय पिता नीरज त्रिवेदी को जमीन पर कब्जा छोड देने के लिए कहा

और  धमकाने लगे।मौके पर एकत्र हुये गांव लोग़ो सामने  लेखपाल अमित ने नीरज त्रिवेदी को बुरी तरह अपमानित किया।थोडी देर बाद नीरज त्रिवेदी की हालत बिगड गयी और लेखपालों के जाने के दस मिनट बाद उनकी मौत हो गयी।


       आशीष ने लेखपालों के धमकाने व अपमानित करने के कारण हुयी अपने पिता की मौत की सूचना तुरंत  उप जिलाधिकारी को दी।उन्होने मामले को गम्भीरता से लिया और पीडित आशीष से लिखित प्रार्थना पत्र लेकर दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

दर असल यह मामला महज किसी की भूमिधरी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश से कम लेखपाल अमित की बदनीयत व उसकी शराब,शबाब व कबाब के शौक को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।

बताते हैं कि शिकायत करने वाली रजनी के ससुर स्वयं बता चुके हैं कि जमीन पर उनका व उनके बहू बेटों का कोई हक नही है लेकिन यदि यह सत्य मानकर मामला सुलट जाता तो लेखपाल व उसे लालच दे रहे लोगों की वसूली व अय्याशी कैसे पूरी होती।।    

                         

SWATANTRA PRABHAT
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