साहित्य उपवन

ओक्का बोक्का तीन तलोक्का

ओक्का बोक्का तीन तलोक्का, फूट गयल बुढ़ऊ क हुक्का। फगुआ कजरी कहाँ हेरायल, अब त गांव क गांव चुड़ूक्का।। नया जमाना नयके लोग, नया नया कुल फईलल रोग। एक्के बात समझ में आवै, जइसन करनी वइसन भोग।। नई नई कु......

15 वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले का हुआ समापन:::

15वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले का शानदार एक सप्ताह से मोतीमहल वाटिका, लखनऊ में चल रहे पंद्रहवें राष्ट्रीय पुस्तक मेले का शानदार तरीके से समापन किया गया। समापन के अवसर पर सृजन संस्थान द्वारा काव......

हिंदी दिवस 14 सितंबर को पूरे विश्व मे मनाया जाता है

चीफ ब्यूरो सोनभद्र:-हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी। इसी महत्वपूर्ण निर्णय के मह......

क्योंकि मैं एक शिक्षक हूं

क्योंकि मैं शिक्षक हूँ आँसू को हँसी में ढालता हूँ माँ बाप के सपने पालता हूँ नन्हें पंखों को नापता हूँ मैं शिक्षक हूँ मैं रोज शिकायत सुनता हूँ नन्हें सपनों को बुनता हूँ झूठ भी सच सा सुनत......

नर पर नारी भारी

अक्ल बाटने लगे विधाता, लंबी लगी कतारें । सभी आदमी खड़े हुए थे, कहीं नहीं थी नारी । सभी नारियाँ कहाँ रह गईं था ये अचरज भारी । पता चला ब्यूटी पार्लर में, पहुँच गई थी सारी। मेकअप की ......

नर पर नारी भारी

अक्ल बाटने लगे विधाता, लंबी लगी कतारें । सभी आदमी खड़े हुए थे, कहीं नहीं थी नारी । सभी नारियाँ कहाँ रह गईं था ये अचरज भारी । पता चला ब्यूटी पार्लर में, पहुँच गई थी सारी। मेकअप की ......

पाकिस्तान पर कविता

*(पाकिस्तान पर कविता)* अंधों को दर्पण क्या देना, बहरों को भजन सुनाना क्या, जो रक्त पान करते उनको, गंगा का नीर पिलाना क्या, हमने जिनको दो आँखे दीं, वो हमको आँख दिखा बैठे, हम शांति यज्ञ में लगे रहे, व......

अनुभव का लाभ

*50 वर्ष पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर एक कहानी* एक राज्य में एक राजा थे । एक दिन उन्होंने अपने मंत्री ( मुख्य सचिव ) को बुलाया और कहा कि 50 वर्ष से अधिक आयु वाले बुड्डे-बूढ़ी सिवाय खाने-पीने के अला......

दोस्त अब थकने लगे

*दोस्त अब थकने लगे है* किसीका *पेट* निकल आया है, किसीके *बाल* पकने लगे है... सब पर भारी *ज़िम्मेदारी* है, सबको छोटी मोटी कोई *बीमारी* है। दिनभर जो *भागते दौड़ते* थे, वो अब चलते चलते भी *रुकने* लगे है। पर य......

गुरु की महिमा

एक गरीब आदमी था। वो हर रोज अपने गुरु के आश्रम जाकर वहां साफ-सफाई करता और फिर अपने काम पर चला जाता था। अक्सर वो अपने गुरु से कहता कि आप मुझे आशीर्वाद दीजिए तो मेरे पास ढेर सारा धन-दौलत आ जाए। एक दि......

वाह रे टमाटर

बाह रे टमाटर दोहा मारा मारा जो फिरा, गलियों में बेहाल। वही टमाटर हो गया, देखो मालामाल ।। - सड़कों पर फैंका गया ,जैसे कोई अनाथ । नहीं टमाटर आ रहा ,आज किसी के हाॅथ ।। - भाव टमाटर का हुआ ,अब अस्सी ......

प्रेम में टूटने के बाद का अनुभव भी आज हो गया.....

प्रेम में टूटने के बाद का अनुभव भी आज हो गया..... . . प्रात: की किरण अलसाई हुई थी परन्तु वायु के साथ मिल कर भीतर और बाहर के तापमान को बढ़ा रही थी। मन बहुत बेचैन था -किसी अज्ञात कारणवश दिन के तीसरे प्र......

वो दुल्हन (कविता)

रूप मनोहर, एकल काठी और निखरता नव-यौवन, देखा जिसको सपनो में, सहमी-सिमटी वो दुल्हन ।।   केश सुगन्धित, लता बेल से, लहराते, हर लेते मन, नयन निराले प्रेम से पुलकित, फिर भी ......

क्या फिर से वो दिन आयेंगे??

प्यार से बालों को सुलझाना, पास में आकर गले लगाना, पीठ पे हौले से सहलाना, कंधे पर रखकर सर अपना, सीने पर कुछ लिख जाना, क्या फिर हम यूँ मिल पाएं......

नशे के विरुद्धहै उद्घोष

            नशे के विरुद्धहै उद्घोष  नशे ने देखो इस दुनिया में, ऐसा चक्र चलाया है| बच्चे बड़े सभी है पागल, हर कोई बौराया है|     लोग टहलते और घूमते, सिगरेट, बीड़ी पीते हैं|    ......