स्वतंत्र प्रभात-नया साल में रखो प्रकृति का ख़्याल

 

ले उड़े इस जहाँ से बेरोजगारी और गरीबी, एक हवा इस नये साल में!!

हर शिक्षित को रोजगार मिले, हो यही मेहरबानी इस नये साल में!!

शिक्षा को हर समय बढ़ावा देना, निवेदन है शासन-प्रशासन से इस नये साल में!!

जल का कभी दुरुपयोग ना करना, वरना खतरे की घण्टी बज जाएगी इस नये साल में!!

वायू को दूषित ना करना, वरना दिल्ली जैसी फिर घटना होगी इस नये साल में!!

पर्यावरण से खिलवाड़ ना करना मानव, गुज़ारिश है मेरी इस नये साल में!!

प्रकृति से दोस्ती करना, तब बनेगी बात इस नये साल में!!

देश को आतंक से बचाना, कोई आतंकी दामन ना छू पाये भारत को इस नये साल में!!

आपका नववर्ष मंगलमय हो, विनती है "सुशील" की भगवान से इस नये साल में!!

सुशील कुमार वर्मा सिन्दुरियां-महराजगंज गोरखपुर विश्वविद्यालय

SUSHIL KUMAR VERMA
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