घाघरा नदी में आज छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी

बाढ़ की चपेट में आए ग्रामीण भुखमरी की कगार पर नही दिया गया लंच पैकेट

 
घाघरा नदी में आज छोड़ा गया तीन लाख क्यूसेक पानी 


स्वतंत्र प्रभात 

रामनगर सूरतगंज बाराबंकी:बीते दिनों रविवार सोमवार को नेपाल बनबसा बैराज से छोड़े गए आठ लाख क्यूसेक पानी से तराई क्षेत्र के सैकड़ो घरों में सरयू नदी के बाढ़ का पानी भर गया है।धीरे धीरे बनबसा बैराज से पचास पचास हजार क्यूसेक पानी कम किया जा रहा है।आज मंगलवार को नेपाल से तीन लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है।रामनगर तहसील क्षेत्र के सूरतगंज ब्लॉक के बदनेरा ग्राम पंचायत के कोड़ड़ी गांव के कई ग्रामीणों ने बांध पर जाकर अपना गुजारा करना पड़ रहा हैं।वही बाढ़ की चपेट में आए ग्रामीण भुखमरी की कगार पर है। लोग भूखे रहकर जीवन यापन कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ित एक परिवार के स्वामी ने बताया कि हम 5 लोग हैं बच्चे लेकर बांध पर घूम रहे हैं ना तो हमें छांव करने के लिए त्रिपाल दिया गया है ना हमारा पूरसाहाल पूछने के लिए अधिकारी मौके तक आए हैं सिर्फ फोटो खींचा कर वापिस हो जाते हैं

दिन में अट्ठारह सौ पैकेट रात में सिर्फ 15 पैकेट वितरण कराए जा रहे हैं। कुछ परिवारों को भूखे रहकर जीवन यापन करना पड़ रहा है।मौके के सेक्रेटरी जब बात की गई तो उन्हें बताया कि हम बाहर चले आए हैं। बांध पर लगा हुआ हैंडपंप की बोरिंग दिखाई पड़ रही मगर मशीन नहीं बांधी गई है।बाढ़ पीड़ित लोगो को 1 किलोमीटर दूर जाकर नल से पानी लाकर पीना पड़ रहा है।आधे बांध पर बिजली की व्यवस्था कराई गई आधे बांध पर लाइट की व्यवस्था ना होने से एक महिला ने बताया कि रात भर जाग कर हम बच्चों को बचा रहे हैं, जंगली जानवरों व सांप बिच्छू से बचाना पड़ रहा है।बच्चों को भाजपा सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने एक्सईएन रामनगर को फोन कर कर फौरन लाइट व्यवस्था लगवाने का आदेश दिया है।बाढ़ खंड अधिकारी शशिकांत सिंह ने बताया नेपाल के बनबसा बैराज से अब पानी धीरे धीरे कम किया जा रहा है। मंगलवार को नेपाल से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।पचास हजार क्यूसेक पानी कम करके डाला जा रहा है प्रतिदिन नदी धीरे धीरे घट जाएगी।आज का शाम चार बजे का जलस्तर 106.556 है।

   

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