बंद हुआ प्रदेश का सबसे बड़ा पुल, नाव से यात्रा करेंगे राहगीर

 
बंद हुआ प्रदेश का सबसे बड़ा पुल, नाव से यात्रा करेंगे राहगीर


स्वतंत्र प्रभात
अम्बेडकरनगर। 


सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर बने पीपा पुल से बुधवार को यात्रियों का आवागमन ठप कर दिया गया। इसी के साथ इस बार 128 पीपे से बनाए गये प्रदेश के सबसे बड़े पीपा पुल कम्हरिया घाट का अस्तित्व भी खत्म हो जाएगा। कारण यह कि शासन द्वारा पीपा पुल के बगल ही पक्का पुल का निर्माण कराया जा रहा है। पुल का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।

 जुलाई माह में इससे आवागमन शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल जब तक नए पुल से आवागमन बहाल नही होता, तब तक नाव के सहारे पैदल, बाइक व साइकिल सवार यात्रियों को नदी के दूसरे पार ले जाया जाएगा।जिले को गोरखपुर जनपद से सीधा जोड़ने के लिए सरयू नदी के कम्हरिया घाट पर करीब एक दशक पहले पीपा पुल की सुविधा प्रदान की गई थी। इस पुल का लाभ नदी के दोनों तरफ स्थित करीब एक दर्जन जिले के यात्रियों को वर्ष के सात माह तक मिलता था। 

प्रत्येक वर्ष 15 जून से 15 नवंबर के बीच नदी में जल स्तर अधिक होने के चलते आवागमन रोक दिया जाता था। पीपा पुल से आवागमन बाधित होने के समय यात्रियों को नाव की सुविधा प्रदान की जाती है। गत वर्ष नदी में जल स्तर अधिक होने के चलते कम्हरिया घाट पुल निर्माण में कुल 128 पीपे लगाने पड़े। इससे यह प्रदेश का सबसे बड़ा पीपा पुल बन गया था। पिछले वर्षों में जहां 95 से लेकर 100 पीपा में पुल तैयार हो जाता था, वहीं वर्ष 2021 में जब 15 नवंबर के बाद नदी पर पीपा पुल निर्माण का कार्य शुरू हुआ तो अतिरिक्त पीपा मंगाना पड़ा।

 इसके चलते पुल निर्माण भी निर्धारित समय से काफी बाद शुरू हो सका।इस बीच बुधवार को लोक निर्माण विभाग गोरखपुर ने पीपा पुल से आवागमन को रोकते हुए पीपों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया। बताया जाता है कि इसके साथ ही अब कम्हरिया घाट का पीपा पुल खत्म हो जाएगा। पीपा पुल के बगल निर्माणाधीन पक्का पुल के जल्द पूरा होने की उम्मीद है। विभाग का दावा है कि इसी माह के अंत तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जुलाई माह में आम नागरिकों के लिए पुल से आवागमन शुुरू होने की पूरी संभावना है। जब तक पक्का पुल से आवागमन शुरू नहीं होता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में यात्रियों को नाव की सुविधा मुहैया करायी जाएगी।
 

   

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