बस्ती में किसानों की जमीन पर बिना मुआवजा दिये जबरिया कब्जा करने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव गंभीर

 
बस्ती में किसानों की जमीन पर बिना मुआवजा दिये जबरिया कब्जा करने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव गंभीर


 
सपा का 6 सदस्यीय टीम करेगी किसानों के उत्पीड़न की जांच

बस्ती। 

बस्ती जिले में समाजवादी  पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने छावनी धनघटा मार्ग के निर्माण के नाम पर प्रशासन द्वारा हजारों किसानों की जमीन पर बिना मुआवजा दिये जबरिया कब्जा कर लेने, समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा विरोध करने पर मुकदमा दर्ज कर उत्पीड़न किये जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। 

उन्होने 6 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल का गठन किया है। प्रतिनिधि मण्डल में विधायक एवं पूर्व विधानसभाध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, पूर्व मंत्री एवं विधायक लालजी वर्मा, विधायक एवं सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव, समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश महासचिव अधिवक्ता उस्मान सिद्दीकी, यूथ विग्रेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह, पूर्व मंत्री एवं सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जयशंकर पाण्डेय शामिल है।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कर्यालय ज्ञाप जारी कर बताया कि प्रतिनिधि मण्डल तथ्यों की जांच के बाद अपना रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को प्रस्तुत करेंगे।
ज्ञात रहे कि गत 12 मई को कलवारी थाना क्षेत्र के चौराहे पर जब अचानक बुल्डोजर पहुंचा तो लोग हैरान रह गये। इसकी सूचना समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सिद्धार्थ सिंह को दी गई तो उनके परिजन मौके पर पहुंचे और कारण पूंछा। इसके बाद कलवारी मुस्तहक निवासी प्रदीप कुमार सिंह ने थाने पर लिखित तहरीर दिया कि उनके जमीन की पैमाइश राजस्व और चकबंदी की संयुक्त टीम द्वारा की गई है ।

 एन.एच. के ठेकेदार और प्रोजेक्ट मैनेजर जबरिया उनकी जमीन पर कब्जा कर लेना चाहते हैं। जानकारी के अनुसार जब लोग मौके पर पहुंचे तो नायब तहसीलदार और एनएच. के प्रोजेक्ट मैनेजर से वार्ता के बाद बुल्डोजर तो रूक गया किन्तु लोगों में अन्देशा है कि पहले ही तरह उनकी भूमि पर एनएच. द्वारा प्रशासन के संरक्षण में जबरिया कब्जा किया जा सकता है। सपा नेता सिद्धार्थ सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दिया और दूरभाष पर वार्ता किया। 

बताया कि यदि पैमाइशुदा जमीन पर जबरिया कब्जा करने की साजिश हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि जमीन की सुरक्षा की जाय और पैमाइशशुदा जमीन पर जबरिया कब्जा न कराने के साथ ही उन किसानों को मुआवजा दिलाया जाय जिनकी जमीन पर एन.एच. के ठेकेदार और प्रोजेक्ट मैनेजर ने प्रशासन की शह पर जबरिया कब्जा कर लिया और उल्टे विरोध करने पर किसानों पर मनगढन्त मुकदमंें लाद दिये गये।

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