6 दिन बाद भी आरोपी खनन माफिया पुलिस की पकड़ से दूर..पत्रकार को दी थी जान से मार देने की धमकी

लगभग एक हफ्ते बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है खनन माफिया
 
6 दिन बाद भी आरोपी खनन माफिया पुलिस की पकड़ से दूर..पत्रकार को दी थी जान से मार देने की धमकी

स्वतंत्र प्रभात-

उन्नाव- पत्रकार होकर खनन माफियाओं के खिलाफ खबर लिखना अपनी जान मुसीबत में डालना ये सच साबित होता साफ जाहिर होता दिख रहा..लेकिन उन पर कार्यवाही कर पाने में शायद पुलिस बौनी साबित हो रही है.हम ऐसा इसलिए कह रहे है कि क्योकि ऐसा जनपद उन्नाव में देखने को मिल रहा है ।आपको बता दे कि विगत दिनों अवैध खनन की खबर से बौखलाए खनन माफिया द्वारा आन्नद शर्मा के साथ मारपीट,लूटपाट व जान से मारने के प्रयास में कथित खनन माफिया सुमित बारी व घटना में शामिल 4-5 अज्ञात के विरुद्ध कोतवाली में आईपीसी की धारा 395 व अन्य में मुकदमा पंजीकृत किया गया था।लेकिन घटना होने बाद उन्नाव की हाईटेक पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया लेकिन खनन माफियाओं को दबोचने में उन्नाव पुलिस नाकाम साबित हो रही है..खनन माफिया क्या पुलिस और कानून से भी बड़े हो गए जो नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर पाने में कमजोर साबित होते दिख रहे है।

गिरफ्तार न होने से माफियाओ के हौसले बुलंद होते दिख रहे है।अपने षड्यंत्र कारी इरादे से पत्रकार को फिर निशाना बनाने की फिराक में है नामजद आरोपी..पुलिस लचर कार्य प्रणाली के चलते खनन माफियाओं ने पत्रकार को फिर धमकिया देना शुरू कर दिया..इससे कही न कही ये साबित होता है उन्नाव पुलिस के हाथ खनन माफिया के सामने बौने हो गए है जिस कारण आज भी आरोपी खुलेआम घूम रहे है ।और पत्रकार को धमकी देकर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे है।अगर मुकदमा वापस नही लिया तो पत्रकार को जान से मार देंगे फर्जी मुकदमा दर्ज करवा कर जेल भिजवा देंगे ऐसी धमकिया लगातार आरोपी दे रहे है।..ऐसे में कई सवालिया निशान खड़े होते है कि क्या पुलिस किसी बड़े हादसे के इंताजर में या किसी हादसे के बाद पुलिस जागेगी..समय रहते अगर पुलिस जाग जाए तो अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाई जा सकती लेकिन पुलिस समय रहते शायद जागने का प्रयास नही करती..अगर कोई घटना पत्रकार या उसके परिवार के साथ घटित होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा ?जानकारी के अनुसार खनन माफिया के कुछ गुर्गे फर्जी पत्रकार का चोला ओढ़कर अपने आका को बचाने के फिराक में लगे हुए..

इसलिए कोतवाली के चक्कर पर चक्कर काटने में जुटे हुए है और पत्रकार  आन्नद को लगातार धमकियां दे रहे हैं । जिंदा रहना है तो मुकदमा वापस कर लो , अन्यथा तुम्हारे विरुद्ध फर्जी मुकदमा लिखवाकर जेल भिजवा दूंगा ।माफिया के गुर्गों के हौसले सातवे आसमान पर है ।उक्त फर्जी पत्रकार को आरोपी खनन माफिया के साथ कोतवाली में खुलेआम देखा गया है ।पीड़ित पत्रकार को जान का खतरा बना हुआ है लेकिन पुलिस कछुए की चाल चलने में लगी हुई है ।पत्रकार आन्नद शर्मा व उसके परिवार को खनन माफिया से जान का खतरा बना हुआ है ।लेकिन उन्नाव पुलिस अपनी कार्यशैली से हमेशा सुर्खियों में रहती है खास बात से सब कुछ जान कर अभी भी पुलिस खामोश है और अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नही हो पाई है..योगी जी देखिये उन्नाव की हाईटेक पुलिस की कार्यशैली शायद कोई बड़े हादसे के बाद जागेगी..

   

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