स्वतंत्र प्रभात-जाम से निपटने का अनोखा तरीका प्रशासनिक अधिकारियों ने उठाया कदम

 

शाहजहांपुर के प्रशासनिक अधिकारियों ने उठाया कदम


लखनऊ : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में सड़क पर लगने वाले जाम से निपटने में बाधक भैसों को हटाने के लिए अनोखा रास्ता चुना है. अब भैंसों के मालिकों को अपनी भैसों के सींगों को क्षेत्रवार अलग-अलग रंग में रंगवाना होगा, जिससे यह पता चल सके कि भैंस किस क्षेत्र की हैं जिससे उसके मालिक पर जुर्माना लगाया जा सके.
मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार जिला प्रशासन ने डेयरी मालिकों के साथ मीटिंग कर कड़ी चेतावनी दी है कि एक महीने के अंदर शहर से डेयरी हटा लें और साथ ही पालतू भैंसों के सींगों को अलग-अलग रंग से रंगना होगा जिससे पता चल सके कि ये  भैंस किस क्षेत्र की हैं। ऐसे में अगर पशु पालक बेटाइम भैंसों को सड़कों पर लाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। अब भैंसों की सींग लाल और पीले रंग से रंगे जाएंगे जिससे पहचान कर पशु पालकों पर कार्रवाई की जा सके।

 

जनता को जाम से निजात दिलाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा और एसडीएम ने एक नई पहल की है। शहर में जनता को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। जाम लगने का सबसे बड़ा कारण है कि दिन में किसी भी टाइम डेयरी मालिक भैंसों को नदी पर ले जाने के लिए मेन रोड पर ले आते हैं जिससे कि घंटों जाम लगा रहता है। सिटी मजिस्ट्रेट रामजी मिश्रा ने नगरपालिका में डेयरी मालिकों के साथ मीटिंग कर एक रूपरेखा तैयार की है। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि जाम लगने का सबसे बड़ा कारण है कि पशुपालक अपनी भैंसों को किसी भी टाइम रोड पर ले आते हैं।जिससे रोड पर लंबा जाम लग जाता है। जिस जगह पर दूध की डेयरी होती हैं वहां से लेकर नदी जाने तक का रास्ता बंद हो जाता है। जिससे लंबा-लंबा जाम लग जाती है। जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बताया जाता है कि सींग रंगने का भी एक टाइम दे दिया गया है। अब जो भैंसे खननौत नदी में जाएगी उनके सींग लाल रंग के होंगे और जो भैंसे गर्रा नदी में जाएगी उनके सींग पीले रंग के होंगे। सिटी मजिस्ट्रेट ने तीन दिन के अंदर भैंसों के सींग रंगने का फरमान सुनाया है। साथ ही उन्होंने पशुपालकों को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर जाम से निपटने के लिए पशुपालक इस रूपरेखा में सहयोग नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

recommend to friends

Comments (0)

Leave comment