बस्ती के परिषदीय स्कूल में 12 साल बाद पकड़ा गया फर्जी मास्टर

बीएसए किए बर्खास्त वेतन की भी होगी वसूली
 
बस्ती के परिषदीय स्कूल में 12 साल बाद पकड़ा गया फर्जी मास्टर

स्वतंत्र प्रभात-

बस्ती।

नौकरी के लिए दूसरे का फर्जी सार्टिफिकेट का सहारा लेकर शिक्षक बने फ्राड राजेश कुमार को बर्खास्त करने के साथ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इस फ्राड ने परिषदीय विद्यालय में दूसरे के प्रमाण पत्र के आधार पर फर्जी तरीके से सहायक अध्यापक बनकर 12 साल तक नौकरी की। बीएसए ने इसको बर्खास्त करने के साथ खंड शिक्षा अधिकारी स़ांऊघाट को वेतन रिकवरी और मुकदमा दर्ज कराने के लिए आदेशित किया है।
बीएसए कार्यालय के अनुसार जिले के सांऊघाट ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय खजौला में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत राजेश कुमार का सहायक अध्यापक पद पर 2010 में चयन हुआ था। एसटीएफ से जांच कराने पर यह सामने आया कि राजेश कुमार ने किसी दूसरे के अभिलेखों का प्रयोग कर नौकरी हासिल किया है।

इसी नाम के असली शिक्षक राजेश कुमार फैजाबाद जिले में मिल्कीपुर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरेंद्र भदा में कार्यरत हैं उनके ही अभिलेखों का गलत तरीके से प्रयोग कर बस्ती में फर्जी अध्यापक ने नौकरी हासिल कर ली है। जांच रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद बीएसए जगदीश शुक्ल ने सांऊघाट ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय खजौला में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत राजेश कुमार को अपना पक्ष रखने का नोटिस जारी किया था। अब उसे बर्खास्त कर दिया गया। अभिलेख में फर्जी शिक्षक ने अपना पता संतकबीर नगर जिला के जमीरा सातहरा दर्ज किया है। बीएसए ने आरोपी सहायक अध्यापक की सेवा समाप्त करने के साथ ही वेतन रिकवरी व मुकदमा दर्ज कराने का आदेश जारी कर दिया है।

   

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