कंपोजिट विद्यालय तुरशमपुर में चीता जागरूकता, चित्रकला अभियान पर हुआ

कार्यक्रम, 1952 से लगातार कम हो रहे चीता - पीके श्रीवास्तव 
 
कंपोजिट विद्यालय तुरशमपुर में चीता जागरूकता, चित्रकला अभियान पर हुआ 

स्वतंत्र प्रभात


मिल्कीपुर, अयोध्या सामाजिक वानिकी द्वारा विकासखंड अमानीगंज के कम कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय तुरशमपुर में चीता के पुनर्स्थापना, जन जागरूकता हेतु चीता के विषय में निबंध लेखन एवं चित्रकला का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे क्षेत्रीय वन अधिकारी वन रेंज कुमारगंज प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों को चीता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि चीता की संख्या भारत में 1952 से कम हो रही है जो चिंता का विषय है। जंगल में कम हो रहे हैं इससे जंगली पशुओं के जीवन का संकट तो बढ़ ही रहा है। साथ ही पर्यावरण भी असंतुलित हो रहा है। शिकारी प्रवृत्ति की

सर्वोत्तम प्रजाति में से चीते की वापसी से ऐतिहासिक विकास परक संतुलन कायम होगा। जिसका इको प्रणाली के विभिन्न स्तरों पर भारी प्रभाव पड़ेगा।साथ ही उन पशुओं का भी संरक्षण होगा जिनका शिकार चीता करता है। इस तरह चीते के इलाके में रहने वाले लुप्तप्राय प्रजातियों को भी बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आने वाली 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर अफ्रीका महाद्वीप से आठ की संख्या में चीता भारतवर्ष में पुनः परिचय हेतु मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान एवं पुनर्वासित किया जाएगा। जो जीता संरक्षण के प्रयोग में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा। कार्यक्रम के समापन होने पर विद्यालय के छात्र छात्राओं को वन विभाग ने लड्डू खिलाकर मुंह भी मीठा कराया।

   

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