​​​​​​​ युवाओं को पेंडिंग में रखा बैंकों ने,मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना

प्रदेश में इतनी बेरोजगारी है नौकरियों का अभाव है अगर स्वयं का रोजगार करना चाहे युवा तो योजना है मगर योजना का लाभ लेना बहुत कठिन है  
 
युवाओं को पेंडिंग में रखा बैंकों ने,मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना

स्वतंत्र प्रभात

 नैमिषारण्य सीतापुर उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की शुरुआत की गई है, इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष राज्य के 25000 से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी ने सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग को यह आदेश दिए हैं कि राज्य के युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने वित्तीय वर्ष आवश्यकता अनुसार धनराशि का प्रस्ताव पेश किया था। मगर इस योजना के पात्र युवा सब कहीं से पास होकर अंत में बैंक में लटक जाते हैं, बैंक के 6 महीने से लेकर साल भर दो साल तक बैंक के चक्कर लग लगाते है उसके बाद कमीशन फिक्स करके किसी का किया,किसी का नहीं किया, आलम यह है बैंकों का। ताजा मामला इंडियन बैंक नैमिषारण्य का सामने आया है, जहा पर पिछले 6 माह से फाइल को पेंडिंग कर रखा है, जिसकी जांच तक नही करने गया कोई, जब बैंक जाओ तब बोला जाता है आज कर देगे, कल कर देगे, परसो कर देगे, इंसान थक कर हार मान ले या फिर इसी तरह चक्कर लगाता रहे, ना जाने कितने युवा ऐसे ही बैंकों में कतार में लगे होंगे लोन लेने के लिए मगर जिनका सोर्स, पावर,कमीशन देने के लिए पैसा होगा उन्हीं का पास होगा

नहीं तो इसी तरह पेंडिंग में ही लगा रहेगा कुछ युवा हार मान कर फाइल को वही बंद कर देते हैं तो कुछ युवा जद्दोजहद करते रहते हैं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना लेने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योजनाएं तो लागू कर देते हैं मगर उन्हें अधिकारी जमीनी स्तर पर चलने में इतना टाइम लगा देते हैं कि इंसान का आत्मविश्वास ही खत्म हो जाता है फाइलें चक्कर लगाया करती हैं इधर से उधर युवा भटकता रहता है कहीं जानकारी का अभाव तो कहीं सोर्स,पावर, का अभाव तो कहीं कमीशन देने की छमता ना होना। आखिर शासन प्रशासन प्रदेश के युवाओं के लिए गंभीरता पूर्वक क्यों नहीं सोच रहा है,अगर सोच रहा है तो उनकी जिंदगी फाइलो  के चक्कर में क्यों कट रही है,

   

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