विकट समस्याओं और चुनौतियों का समाधान है श्रीमद्भगवद्गीता

 
 विकट समस्याओं और चुनौतियों का समाधान है श्रीमद्भगवद्गीता
 


 
भगवद-गीता भारत के आध्यात्मिक ज्ञान के गहना के रूप में प्रसिद्ध है। श्रीमद्भगवद्गीता उन सभी वैदिक ज्ञान का सार है जो मनुष्य के पास मन और शरीर की शक्तियों का उपयोग करके सत्य साधक आज तक इकट्ठा करने में सक्षम हैं या भविष्य में कभी भी इकट्ठा करने में सक्षम होंगे। श्रीमद्भगवद्गीता केवल ज्ञान का ग्रंथ नहीं है। यह पूर्ण सत्य की 'पुस्तक' भी है।

श्रीमद्भगवद्गीता कुरुक्षेत्र की रणभूमि की नाजुक परिस्थितियों में अध्यात्म और कर्तव्य की प्रेरणा का अनूठा उपदेश है। ऐसा कहा जाता है की कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच कुल 45 मिनट बातचीत हुई थी  और इतिहास के जानकारों और शोधकर्ताओं के अनुसार यह बातचीत 18 फरवरी 5115 ईसापूर्व रविवार (एकादशी)को हुई थी।

आप अपने जीवन में कम से कम एक बार गीता पढ़ें और यदि आप प्रतिदिन 1/4,1/2 या प्रतिदिन एक अध्याय पूरा करें, तो यह आपके जीवन में चमत्कार करने में मदद करता है, जिसका अर्थ है कि सबसे पहले अपने सभी संचित पापों (पाप) को नष्ट करने के साथ-साथ अपने पुण्य को तेजी से विस्तार करता है। जीवन में गंभीर समस्या से लड़ने में , रोगों को नष्ट करने में, जीवन में दुर्घटना से बचने में , वित्तीय संकट आदि में श्रीमद्भगवद्गीता काफी मदतगार है।  


गीता का ज्ञान देने वाली बाते

1)कर्म का महत्व: कई बार हम अपनी समस्याओं को लेकर चिंतित रहते हैं लेकिन कार्रवाई नहीं करते हैं। फल की चिंता किए बिना कर्म या कर्तव्य करना ही चिंताओं से मुक्ति का रहस्य है। भगवद गीता में, भगवान कृष्ण ने अर्जुन को निःस्वार्थ कर्म करने के टिप्स दिए।
2)विरोधों को पार करें: ज्यादातर समय, हमारा दिमाग अच्छे, बुरे, सही, गलत आदि जैसे विपरीत मूल्यों में फंस जाता है। भगवद गीता में, कृष्ण बताते हैं कि कैसे एक चेतन हर जगह व्याप्त है और सभी विपरीत एक चेतना की अभिव्यक्ति के अलावा और कुछ नहीं हैं। निरपेक्ष पर विचार करने से व्यक्ति आसानी से विरोधों से ऊपर उठ सकता है।

3)भावनाओं को त्यागें और कर्तव्यों में भाग लें: कई बार हम अपनी भावनाओं से बह जाते हैं और अपनी जिम्मेदारियों की उपेक्षा करते हैं। भावनाएं बदलती रहती हैं लेकिन जिम्मेदारी की उपेक्षा करने से अप्रिय परिणाम होंगे। भगवद गीता सत्य पर जोर देती है और इस प्रकार हमें जिम्मेदारियों को निभाने में मदद करती है।

4)ज्ञान के द्वारा अज्ञान से छुटकारा: विचित्रता तनाव का कारण बनती है। स्थायी और अस्थायी क्या है, इस बात से अनजान होने के कारण, हम जीवन में विभिन्न स्थितियों से डरते हैं। भगवद गीता हमें अपने अज्ञान से बाहर निकलने का कौशल देती है और हमें ज्ञान के मार्ग पर ले जाती है। इस बदलते हुए संसार में केवल आत्म-ज्ञान के द्वारा ही सच्चा सुखी हो सकता है।

5)आंतरिक शक्ति: हम सभी आंतरिक शक्ति से सशक्त होते हैं और किसी भी स्थिति का सामना करने की क्षमता रखते हैं। हालाँकि, हमारी असुरक्षा और भ्रम हमें आंतरिक शक्ति तक पहुँचने से रोकते हैं। अर्जुन के साथ ऐसा ही होता है लेकिन भगवद गीता को सुनने से उसे अपने डर से बाहर निकलने और अपनी आंतरिक शक्ति के संपर्क में आने में मदद मिलती है।

संतुलित जीवन जीने के लिए दिशानिर्देश: बहुत अधिक गतिविधि हमें थका देती है। इसी तरह निष्क्रियता हमें आलस्य की ओर धकेलती है। जीवन में काम और आराम के बीच संतुलन बनाना बहुत जरूरी है। भगवद् गीता भोजन, गतिविधि और आराम में सही संतुलन बनाने के लिए दिशानिर्देश प्रदान करती है।

6)ध्यान और योग: कृष्ण ने योग और ध्यान के महत्व के बारे में बात की और बताया कि वे आंतरिक शांति और आनंद का अनुभव करने में हमारी मदद कैसे कर सकते हैं। वर्तमान युग में कोई भी व्यक्ति युद्ध के मैदान में खड़ा होकर शत्रुओं से युद्ध नहीं कर सकता। हालांकि, हमारे अपने दिमाग से लगातार लड़ाई होती रहती है। योग और ध्यान से ही मन पर विजय संभव है।

7)गुरु का महत्व: साधक बिना गुरु के आध्यात्मिक पथ पर डगमगाता रहेगा। एक साधक को किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता होती है जो मन के भ्रम को दूर कर ज्ञान के मार्ग में आगे बढ़ने में मदद कर सके। भगवद गीता एक गुरु की तरह कार्य करती है और सुखी जीवन के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है।

8)भक्ति में आनन्दित होना: भक्ति या भक्ति परमात्मा तक पहुंचने का सबसे आसान तरीका है। विश्वास के साथ, व्यक्ति आंतरिक शक्ति के संपर्क में आता है और किसी भी कठिन परिस्थिति से आसानी से निपट सकता है। कृष्ण ने भगवद गीता में भक्ति की शक्ति को समझाया।

गांधीजी नित्य गीता पढ़ते थे । मुश्किलों का हल गांधीजी को गीता से मिलता था। अल्बर्ट आइंस्टाइन नित्य गीता पढ़ते थे। गीता पढ़ने  से उन्हे काफी शांति मिलती थी।

गीता पढ़ने से आपके जीवन की सभी समस्याओं और चुनौतियों का समाधान मिलेगा क्योंकि यह ज्ञान का भंडार है। गीता पढ़ने से आपके जीवन में असीम शांति मिलती है।कृपया कुछ समय गीता के साथ साझा करें,आपका जीवन बदल जाएगा।

Written by Savita Singh

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