अमृतरूपी रसपान है श्रीमद्भागवत कथाः साध्वी रक्षागिरी

अमृतरूपी रसपान है श्रीमद्भागवत कथाः साध्वी रक्षागिरी
  • 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा अनुष्ठान करते यजमान

अलीगढ़ 

 

विश्व कल्याण हेतु एवं भारतवर्ष की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से वैदिक ज्योतिष संस्थान के तत्वावधान में महामंडलेश्वर स्वामी श्री पूर्णानंदपुरी जी महाराज के पावन सानिध्य में अलीगढ़ जनपद के खैर क्षेत्र स्थित ग्राम लोधा में 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा अनुष्ठान के चैथे दिन मुख्य यजमान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव आर. पी.सिंह द्वारा स्वामी पूर्णानंद पुरी जी महाराज की अध्यक्षता में आचार्य गौरव शास्त्री,ऋषि शास्त्री,दुष्यंत वेदपाठी,रवि शास्त्री,शिवम शास्त्री आदि आचार्यों ने यज्ञ नारायण भगवान की स्तुति करते हुए मिष्ठान,फल,घी सहित अन्य द्रव्यों की आहुतियों के साथ अन्य यज्ञकुंडो के समक्ष विभिन्न श्रद्धालुओं ने भी आहुतियां दीं।

तत्पश्चात यज्ञ की प्रदक्षिणा करते हुए महाराज श्री ने अपने आशीर्वचनों के माध्यम से भारी संख्या में मौजूद भक्तो को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा भारत देश हमेशा से विश्व गुरु रहा है

इसका मुख्य कारण हमारे देश मे धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भारतीय संस्कृति का विश्व भर में प्रचलन है,इस प्रचलन का मुख्य कारण हमारे साधु संतों की तपस्या का परिणाम है। इसी श्रृंखला में अलीगढ़ जनपद सहित समस्त भारतवर्ष की आर्थिक ,मानसिक,सामाजिक स्थिति सुधारने हेतु श्री लक्ष्मी विष्णु महायज्ञ के माध्यम से संकल्पित होकर हम सब आगे बढ़ रहे हैं।

दिन के दूसरे पहर में अपने मुखार विंदु से समस्त भक्तों को संबोधित करते हुए कथा व्यास राज राजेश्वरी साध्वी रक्षा गिरी जी ने शिव विवाह प्रसंग की चर्चा करी ,कथा के माध्यम से बताया कि श्रीमद्भागवत कथा एक मात्र सुनने की कथा नहीं है अपितु इस कथा को सुनकर अपने जीवन मे उतारने का भी विषय है। कथा के पश्चात महाआरती हुई जिसमें सैकड़ो की संख्या में भक्त उपस्थित रहे।

Comments