गेहूॅ क्रय के लिए समर्थन मूल्य 1840-20 रूपये किसानो को दिलाने के लिए तेज किया प्रयास

गेहूॅ क्रय के लिए समर्थन मूल्य 1840-20 रूपये किसानो को दिलाने के लिए तेज किया प्रयास

अयोध्या। जिला प्रशासन ने भारत सरकार द्वारा गेहूॅ क्रय के लिए समर्थन मूल्य 1840-20 रूपये किसानो को दिलाने के लिए तेज किया प्रयास।

उक्त जानकारी कलेक्ट्रेट सभागार में अब तक क्रय किये गेहूॅ और किसानो को समर्थन मूल्य दिलाने के लिए आयोजित बैठक की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी श्री अनुज कुमार झा ने कहा कि लाइसेंसी को भी किसानो को गेहूॅ क्रय का भुगतान समर्थन मूल्य के बराबर देना होगा।

लाइसेंसी को अपने दुकान पर बोर्ड/बैनर लगाकर गेहूॅ क्रय का समर्थन मूल्य के 1840-20 सहित नजदीकी गेहूॅ क्रय केन्द्र का पता भी अंकित करना होगा इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने सभी मण्डी सचिवो को इसे सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है।

इसके लिए यदि आवाश्यक हो तो नोटिस जारी कर सकते है, उन्होंने हर लाइसेंसी की दुकान पर एक कर्मचारी लगाने के निर्देश दिये कि यदि किसान सेे लाइसेंसी समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करता है।

तो तैनात कर्मचारी किसान को समझाये कि यदि आप अपना गेहूॅ एजेन्सी के क्रय केन्द्र पर बेचोगे तो आपको समर्थन मूल्य 1840-20 के रेट से भुगतान होगा।

जिलाधिकारी श्री अनुज कुमार झा ने बताया कि जनपद में 41 हजार 600 मी0टन गेहूॅ क्रय के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 09 हजार 725 मी0टन गेहूॅ की खरीद विभिन्न एजेन्सी द्वारा की जा चुकी है जो लक्ष्य का 23.38 प्रतिशत है।

और किसानो को समर्थन मूल्य के हिसाब से शतप्रतिशत भुगतान किया जा चुका। उन्होंने आगे बताया कि जनपद में 07 एजेन्सी के 53 गेहूॅ क्रय केन्द्र खुले है।

और किसान अपनी सुविधानुसार किसी भी गेहूॅ क्रय केन्द्र पर अपना गेहूॅ बेच सकता है। जिलाधिकारी ने बताया कि विगत वर्ष 15 हजार 628 मी0टन गेहूॅ की खरीद जनपद में हुई थी जिसके तुलना में अब तक 09 हजार 725 मी0टन गेहूॅ खरीदा जा चुका है। 

जो लक्ष्य का 63 प्रतिशत है फिर भी शासन द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए जो लक्ष्य 41600 मी0टन निर्धारित किया गया है।

उसे प्राप्त करने के प्रयास में सभी एजेन्सी जी जान से जुट जाये। अब तक किसानो को 18 करोड़ 08 लाख 95 हजार का भुगतान कर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने सभी एजेन्सी के प्रभारी को निर्देश दिये है कि प्रत्येक गेहूॅ क्रय केन्द्र पर न्यूनतम 05 लाख की नगद धनराशि होनी चाहिए साथ ही किसानो की सुविधा हेतु छाया, झन्ना, पंखा, ठंडे पानी की व्यवस्था, नमी मापने का यन्त्र, इलेक्ट्रानिक 02 काॅटा, बोरा, पन्नी, तिरपाल अवश्य होना चाहिए।

जिलाधिकारी श्री झा ने सभी गेहूॅ क्रय एजेन्सी के प्रभारियो को निर्देश दिये है कि वे लगातार भ्रमण करे कमियाॅ देखे व उसका निराकरण कराये। उन्होंने सभी को स्पष्ट किया कि तिरपाल व पन्नी के साथ गेहूॅ के बोरे को उच्च स्थान पर रखें वर्षा या जल भराव के कारण गेहूॅ का एक भी दाना भीगता है या खराब होता है।

तो सम्बन्धित एजेन्सी के जिला प्रभारी सीधे जिम्मेदार होंगे और उन्ही से वसूली होगी। 

बैठक में भारतीय खाद्य निगम पर गेहूॅ एजेन्सियों द्वारा लेबर द्वारा अथवा लेबर के नाम पर धनराशि की माॅग की शिकायत पर भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष मिश्रा ने कहा कि ऐसी कोई शिकायत नही है।

वे स्वंय समय-समय पर निरीक्षण करते है। उन्होंने सभी एजेन्सी के जिला प्रभारी को अपना मोबाइल नम्बर देते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर आप को कोई परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे बात कर फोन पर बात कर सकते है।

उन्होंने शिकायत सिरे से खारिज करते हुए जिलाधिकारी को बताया कि हमारे यहाॅ 60 से 65 ट्रक का प्रतिदिन लदान खाली हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन को हर तरह से सहयोग का आश्वासन दिया।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व गोरेलाल शुक्ला, नवीन कुमार श्रीवास्तव सहायक आयुक्त सहकारिता, डिप्टी आरएमओ चामुण्डा प्रसाद पाण्डेय, भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय प्रबन्धक आशीष मिश्रा, डिपो मैनेजर अर्पित जायसवाल, प्रबन्धक गुण नियंत्रण विनय कुमार, जिला प्रबन्धक यूएसएस देशराज पाल, प्रभारी जिला प्रबन्धक पीसीएफ अनुप कुमार सोनी, कर्मचारी कल्याण निगम के इन्द्रराज सिंह आदि उपस्थित थे।

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