निर्मोही अखाड़ा की याचिका पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने सवाल उठाया

निर्मोही अखाड़ा की याचिका पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने सवाल उठाया अयोध्या राम मंदिर बाबरी मस्जिद मामले में गैर विवादित जमीन वापस करने की सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका के खिलाफ निर्मोही अखाड़ा ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक आपत्ति याचिका दाखिल की है।

निर्मोही अखाड़ा की ओर से यह आपत्ती सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को दाखिल की गई।अधिग्रहित राम जन्म भूमि बाबरी मस्जिद परिसर की भूमि वापस करने संबंधी के सरकार की याचिका को ध्यान में रखकर मांग की गई है कि अधिग्रहित परिसर में निर्मोही अखाड़ा की भूमि शामिल है और आपत्ति में मांग की गई है कि सरकार की याचिका के आधार पर जो भूमि वापस की जानी है उसमें निर्मोही अखाड़ा को भी शामिल किया जाए।

निर्मोही अखाड़ा के अधिवक्ता तरुण वर्मा ने बताया कि अधिग्रहित परिसर में निर्मोही अखाड़ा के 12 मंदिर है जो तोड़ दिए गए हैं वो सभी जमीन निर्मोही अखाड़ा को वापस की जाए। अधिग्रहीत परिसर में 71.68 एकड़ का है और सरकार की याचिका में 2.33 एकड़ छोड़कर बाकी भूमि केंद्र सरकार ने यह कहकर वापस करने की मांग की है कि यह गैर विवादित है और उनके स्वामी को सौंपना है। निर्मोही अखाड़ा के अधिवक्ता तरुण जीत बर्मा की मानें तो केंद्र सरकार याचिका के माध्यम से अधिग्रहित परिसर की भूमि राम जन्म भूमि न्यास को वापस आना चाहता है

जो कि न्याय संगत नहीं होगा।जिसके लिए निर्मोही अखाड़ा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इकबाल अंसारी की प्रतिक्रिया अयोध्या राम जन्म भूमि अधिग्रहीत परिसर में गैर विवादित भूमि के हक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में निर्मोही अखाड़ा की याचिका पर मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अधिग्रहित जमीन का पहले ही केंद्र सरकार सभी को मुआवजा दे चुकी है ऐसे में निर्मोही अखाड़ा केवल राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले में रोड़ा पैदा कर रही है।

बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई इकबाल अंसारी ने कहा कि निर्मोही अखाड़ा मामले में विवाद पैदा कर रही है। केंद्र सरकार जिस समय जमीन का अधिग्रहण किया था उसका सभी को मुआवजा दे चुकी है। केंद्र सरकार की तारीफ करते हुए इकबाल अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार कानून के दायरे में रहकर काम कर रही है इसलिए लगता है निर्मोही अखाड़ा मामले को उलझा रहा है। इकबाल अंसारी ने कहा कि हम देश में अमन चैन चाहते हैं वैसे भी केंद्र सरकार गैर विवादित जमीन किसी को दे उन्हें आपत्ति नहीं है।

दरअसल निर्मोही अखाड़ा ने केंद्र सरकार की सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर आपत्ति जताते हुए अपील किया है कि निर्मोही अखाड़ा को भी गैर विवादित जमीन के वापसी के मामले में शामिल किया जाए।

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