मशीनों से रायपुर कोलावल में हो रहा खनन

मशीनों से रायपुर कोलावल में हो रहा खनन

मशीनों से रायपुर कोलावल में हो रहा खनन

बांदा।

गिरवां थाना क्षेत्र की केन नदी में गदर काटे बालू माफिया एनजीटी को मुंह चिढ़ा गिद्धों की तरह मशीनों से नदी को नोचे खाए जा रहे है। यहां कांगे्रस के एक पूर्व प्रभावशाली विधायक के संरक्षण में मशीनें बालू निकालने के चक्कर में नदी की कोख फाडे़ डाल रहे है।

यहां भी सीमांकन लांघ कर खनन किया जा रहा है। मशीनों के हमले से नदी कराह रही है पर प्रशासन अंधा बहरा बना बैठा है। ओवरलोड ट्रकांे की रेलमपेल ने इलाकाई गांवो और मुख्य सडकों को ध्वस्त कर डाला है।

बता दें कि इंदौर की पार्टी को केन नदी की कोलावल रायपुर खदान खंड-4 में 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पांच साल खनन का पट्टा मिला है। इस खदान में शुरूआत से ही नियम कानूनों की धज्जियां उडाकर मशीनों से बालू खनन शुरू हुआ था जो अब तक नहीं थमा।

बताते हैं कि इस खदान में कांगे्रस के पूर्व विधायक की बराबर की हिस्सेदारी है। विधायकी काल में खुद को हरिश्चंद्र बताने वाले इस प्रभावशाली ने खदान मे एनजीटी के नियमों को दफन कर दिया है।

यहां कई मशीनें खदान मे दिन रात नदी के पानी से बालू निकालती नजर आती हैं। दो दर्जन हथियारबंद गुर्गे खदान की रखवाली में लगे है ताकि आसानी से कोई नदी में इनके काले कारनामें न देख ले। हालत यह है कि दहशत से गांव के लोग भी नदी तट पर जाने से कतराते है।

खदान से निकलने वाले सैकड़ो ओवरलोड ट्रक इलाकाई गांवो की सडको और खेतों को न केवल रौंद रहे है बल्कि मुख्य सडक को भी खुर्दबुर्द कर किसी लायक नहीं छोड रहे। ओवरलोडिंग प्रतिबंधित होने की बात सरकार के सांसद, विधायक और मंत्री भले ही करते हो लेकिन क्या मजाल कि इस खदान के ट्रकों पर कोई कार्यवाही कर सके। प्रशासन की ऐसे मामलों मे खामोशी सेटिंग-गेटिंग पर पूरी तरह से मोहर लगा रही है।

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Loading...
Loading...

Comments