अपात्रों को पात्र बनाकर दे दिया गया प्रधानमंत्री आवास

अपात्रों को पात्र बनाकर दे दिया गया प्रधानमंत्री आवास


टिकैतनगर बाराबंकी

विकास खंड पूरेडलई क्षेत्र की ग्राम पंचायत ईटहुआ पूर्व में अंधरा परसै घरै घरान वाली कहावत चरितार्थ की जा रही है। और जनता द्वारा जनता के लिए निर्वाचित ग्राम प्रधान ने पंचायत सेक्रेटरी से सांठ-गांठ करके अपात्रो को पात्र बनाकर प्रधानमंत्री आवास वितरित कर दिया ।

जिसके लिए न तो कोई खुली बैठक की गयी और न ब्लाक के जिम्मेदार अधिकारियों ने लाभार्थियों की जांच पड़ताल करने की जहमत उठाई। ग्राम प्रधान व पंचायत सेक्रेटरी के कारनामों से ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो रहा है।


विकास खंड पूरेडलई क्षेत्र की ग्राम पंचायत टाड़ा ईटहुआ पूर्व में शासन के नियम कानून का कोई मतलब नहीं है और न ही यहाँ शासनादेश के अनुसार विकास कार्य संपादित किए जा रहे हैं। तभी तो यहाँ अंधरा परसै घरै घरान वाली कहावत चरितार्थ की जा रही है ।

ग्राम पंचायत ईटहुआ पूर्व में पूर्व ग्राम प्रधान की बहू सुमिरता पत्नी जितेन्द्र को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिया गया जबकि पक्का मकान बना हुआ है और तकरीबन 40 बीघा कृषि भूमि भी है तो इसके अलावा उर्मिला पत्नी नरेन्द्र रीता पत्नी समरजीत जसोमती पत्नी शिवकुमार गुड़िया पत्नी सत्येन्द्र मनीराम पुत्र मोल्हे तथा मोहनलाल पुत्र राम सागर आदि का पक्का मकान बना होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिया गया इनमें से सबके पास पक्का मकान तो पहले ही बना हुआ है

रीता के पति समरजीत के किसान क्रेडिट कार्ड तथा मोटरसाइकिल भी है। तो उर्मिला के पति के पास पक्का मकान के अलावा एक हेक्टेयर से अधिक कृषि जमीन जसोमती के पति शिव कुमार के पास पक्का मकान के अलावा लगभग 40 बीघा कृषि भूमि भी है सबसे बड़ी बात यह है सत्येन्द्र को पूर्व में इंदिरा आवास मिल चुका है इसके बाबजूद शासनादेश को ताक पर रख उनकी पत्नी गुड़िया के नाम प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिया गया तो वहीं मनीराम को पूर्व में इंदिरा आवास मिल चुका है इसके बाबजूद उनको प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिया गया। तो वहीं मोहनलाल पुत्र राम सागर का पक्का मकान बना हुआ है

साथ ही तकरीबन एक हेक्टेयर कृषि जमीन होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान व पंचायत सेक्रेटरी ने प्रधानमंत्री आवास के लिए कोई खुली बैठक नहीं कराई केवल मनमाने तरीके से आवास स्वीकृत कर दिया गया और आवास की प्रथम किश्त लाभार्थियों के खाते पर भेज दी गई।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत ईटहुआ पूर्व में अपात्रो को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किया जाना बानगी मात्र है यदि समस्त विकास कार्यों की उच्च स्तरीय निष्पक्षता से जांच कराई जाए तो प्रधान व सेक्रेटरी के अलावा ब्लाक के बड़े अधिकारी भी जांच के दायरे में आएंगे और इसीलिए उच्च स्तरीय जांच की जहमत नहीं उठाई जाती जबकि सभी चोर चोर मौसेरे भाई बने हुए हैं।

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