सीएचसी बनीकोडर की स्वास्थ्य ब्यवस्था हुई तार तार, समय से डॉक्टरों का न आना बनी बड़ी समस्या

सीएचसी बनीकोडर की स्वास्थ्य ब्यवस्था हुई तार तार, समय से डॉक्टरों का न आना बनी बड़ी समस्या

रिपोर्ट-शिवशंकर तिवारी
रामसनेहीघाट-बाराबंकी।
तहसील रामसनेही घाट मुख्यालय व लखनऊ अयोध्या राजमार्ग के समीप स्थित सीएचसी बनीकोडर में डॉक्टरों व स्टाफ की लेटलतीफी तथा लापरवाही के चलते मरीजों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।


गुरुवार को जब स्वतंत्र प्रभात समाचार के संवाददाता शिवशंकर तिवारी द्वारा सुबह 10:15 बजे सीएचसी का निरीक्षण किया गया तो केंद्र प्रभारी मुकुंद पटेल समेत आधा दर्जन से अधिक चिकित्सक व स्टाफ गायब मिले। कुमारहन पुरवा से आई ज्योति,

सिकरेहना की शिवलला ,जिताना, मालती ,आदर्श श्रीवास्तव, विजय भगवती आदि दर्जनों मरीज ओपीडी का पर्चा बनवा कर चिकित्सकों का इंतजार करते मिले। सीएचसी पर मात्र एक चिकित्सक डॉ प्रदीप ओपीडी तथा डॉ संदीप तिवारी इमरजेंसी देखते मिले।

इनके अलावा हड्डी रोग विशेषज्ञ मनोज आर्य, दंत सहायक धीरेंद्र कुमार वर्मा ,नेत्र सहायक अनिल कुमार, महिला चिकित्सक अंकिता व नगमा के साथ ही देवीदयाल, संतोष मौर्य, चंद्रमौलि चौधरी, प्रवीण कुमार 10:30 बजे तक नदारद रहे।

मौके पर मौजूद चिकित्सक प्रदीप द्वारा देखे गए मरीजों को ब्लड जांच के लिए पैथोलॉजी भेजा गया था। वहां पर भी तैनात तीनों पैथोलॉजिस्ट में से 10:30 बजे तक कोई नहीं पहुंचा था, कक्ष खाली नजर आया। करीब 11 बजे पहुंचे अधीक्षक ने बताया कि संसाधनों के अभाव के चलते कार्य बाधित हो रहे हैं।

जबकि चिकित्सकों और स्टाफ के समय से ना आने की बात पर उन्होंने कहा कि इन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सभी गैरहाजिर लोगों का एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से की जाएगी।

अस्पताल में मानक के अनुरूप नहीं मिलता है प्रसूताओं को भोजन

प्रदेश सरकार द्वारा सीएचसी पर प्रसूताओ को नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश तो सीएचसी बनीकोडर पर बेमानी साबित हो रहा है।


जानकारी के मुताबिक शासन द्वारा बहराइच के एक ठेकेदार संदीप गुप्ता को बनीकोडर सीएचसी पर प्रसूताओं को सुबह नाश्ते में दूध ब्रेड और अंडा दोपहर में दाल चावल रोटी सब्जी तथा शाम को दाल रोटी या रोटी सब्जी देने के आदेश है।

लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार मनमानी करते हुए अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को ना तो ढंग से भोजन दे रहे हैं और ना ही नाश्ता।

गुरुवार को अस्पताल में भर्ती प्रसूता ममता, चांदनी, आरती, गुड़िया और सुकाला ने बताया कि बुधवार की शाम को अस्पताल से किसी भी प्रकार का खाना नहीं दिया गया था जबकि गुरुवार की सुबह केवल हलवा दिया गया है। मौके पर मौजूद ठेकेदार के फॉलोअर्स ननकू प्रसाद ने बताया कि ठेकेदार द्वारा जो कहा जाता है हम वही करते हैं सामग्री ना उपलब्ध होने के कारण खाना नहीं बन सका था।

इस संबंध में जब हमारे संवाददाता शिवशंकर तिवारी ने सीएचसी अधीक्षक मुकुंद पटेल से बात की तो उन्होंने कार्यवाही किए जाने की बात कही है। 

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