छपिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बुरा हाल

छपिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बुरा हाल

रात को नहीं रहता कोई डॉक्टर,मरीज दर्द से परेशान

मसकनवा,गोण्डा -

यदि आप किसी बीमारी से रात में परेशान हो गए हैं या फिर रात में यदि किसी का हाईवे पर एक्सीडेंट हो जाए तो आपका छपिया अस्पताल आना अपना समय बर्बाद करना ही होगा, यह हम नहीं कह रहे यह तस्वीरें बयां कर रही हैं छपिया अस्पताल की।

हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार गरीब मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं होने का दावा तो कर रही है और समय-समय पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी देती रहती है लेकिन हकीकत कुछ और ही है।मामला उत्तर प्रदेश के जनपद गोण्डा छपिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है वैसे तो यह सीएचसी एफआरयू है।

जिसका अर्थ यह है कि यहां प्रत्येक बीमारी का डॉक्टर मौजूद है। और ज्यादा से ज्यादा संख्या में मरीज इस अस्पताल में आते हैं और यह यूनिट जनपद की सभी सीएचसी में सबसे बेहतर दिखाई भी देती है। लेकिन असल में हकीकत कुछ और ही है।पत्रकारो द्वारा जब कल देर रात सीएचसी छपिया में व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई तो सामने आया कि यहां कोई भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। अस्पताल रात को संचालित होता है जोकि मरीजों का इलाज करती है ।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि या सीएचसी पर स्थित है और देर रात दुर्घटनाग्रस्त लोग इस सीएचसी पर आते हैं लेकिन डॉक्टर ना फार्मासिस्ट, दोनों मौजूद नहीं मिलते हैं ऐसा नहीं है कि इस अस्पताल में डॉक्टरों की कोई ज्यादा कमी है और रात को डॉक्टरों की ड्यूटी नहीं लग सकती बल्कि कागजों पर डाक्टरों की ड्यूटी तो लगती है लेकिन वह देर शाम होते ही अपने घर रूम पर लौट जाते हैं वही मरीज बेहद परेशान हैं जब हमने अस्पताल की पड़ताल की तो अस्पताल का इमरजेंसी डॉक्टर नदारद मिला और मरीजों दर्द से तड़प रहा था।

Comments