शिक्षा माफिया बना भूमाफिया, पिछले कई सालों से अवैध कब्जा कर चल रहा सिटी मांटेसरी स्कूल

शिक्षा माफिया बना भूमाफिया, पिछले कई सालों से अवैध कब्जा कर चल रहा सिटी मांटेसरी स्कूल

 
हर्षित मिश्रा
लखनऊ।
 

आए दिन प्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे और वादे कर रही है। लेकिन असलियत क्या है, यह जगदीश गांधी जैसे लोगों द्वारा खुले आम अवैध धंधा करने वालों के विरुद्ध किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने से मालूम होता है।

सीएमएस राजधानी के नामी स्कूलों में गिना जाता है। लेकिन इसके अंदर की असलियत पता करें तो कुछ और ही है।

जगदीश गांधी ने पूर्व आईएएस आरवी पाठक के मकान जो कि इंदिरानगर में स्थित है, किराए पर लिया था। लेकिन अपनी ऊंची पहुंच के कारण पाठक के मकान पर कब्जा कर लिया और अवैध निर्माण करा लिया। 

स्थानीय लोगों के मुताबीक शिकायत के बाद जब प्रशासनिक अधिकारी अवैध बिल्डिंग गिराने पहुंचे थे। लेकिन पूर्वयोजनानुसार स्कूल में बच्चों को बैठा दिया गया था। जिससे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने से प्रशासन पीछे हट गया।

इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद दोबारा आवास-विकास परिषद ने 2015 में बिल्डिंग गिराने का आदेश दिया। लेकिन दो साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। और आज भी स्कूल उसी तरह चल रहा है रवैया जस का तस है।

इतना ही नहीं अपने बचाव के लिए यहां पर स्कूल खोल दिया ताकि किसी तरह की कार्रवाई करने में सरकार को भी सोचना पड़े। हालांकि, कुछ दिनों तक यह प्रकरण जगदीश गांधी की ऊंची पहुंच के कारण दबा रहा लेकिन आरवी पाठक को जब जगदीश के असली चेहरे का पता चला तो अनाधिकृत निर्माण गिराए जाने के संबंध में शिकायत की। लेकिन आवास विकास परिषद से आदेश होने के बावजूद जगदीश गांधी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

लखनऊ जैकलिन रोड स्थित सिटी मांटेसरी स्कूल के मकान को खाली करवाने के लिए एक परिवार कई वर्षों से संघर्षरत है। इसके लिए सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के कार्यकर्ताओं धरना प्रदर्शन कर रहे है। उनका कहना है कि डॉ. सुनील बिसेन के पिता ने 30 वर्ष पहले किराए पर मकान दिया था। जिसके बाद खाली करने के बजाय स्कूल प्रबंधक द्वारा कानूनी दांव पेंच लड़ा जा रहा है। 

विश्वनाथ शरण बिसेन का देहावसान 1992 में हो गया, लेकिन उससे पहले ही अपने जीवन काल में किराएदारी समाप्त करके मकान खाली करवाने की न्यायिक प्रक्रिया शुरु कर दी थी। जिसके बाद से ही आज तक उनका परिवार कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

आरोप है कि उच्च न्यायालय से दिसंबर 2015 में मामले का शीघ्र निस्तारण का आदेश पारित किया गया था, लेकिन जगदीश गांधी द्वारा कानूनी अड़चनों डालकर होने दिया जा रहा है। 

इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट के यहां से एक प्रार्थना पत्र भूमाफिया कानून के अंतर्गत कार्यवाही करने हेतु दिया जा चुका है व मुख्यमंत्री के यहां भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।

ध्वस्तीकरण का आदेश है पारित
पत्र के माध्यम से मांग की है कि विद्यालय, कब्जा किए हुए भवन में नाजायज रूप से संचालित हो रहा है। अतः इसकी मान्यता समाप्त कर तत्काल इसे बंद कराया जाना चाहिए। आरोप लगाया कि सिटी मांटेसरी स्कूल इंदिरा नगर शाखा का भवन बिना अनुमति के बना है। वहीं मानचित्र स्वीकृत नहीं है। भू-उपयोग आवासीय है।

21 वर्षों से ध्वस्तीकरण के आदेश पारित हैं। विद्यालय संचालन के लिए शिक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र व राजस्व विभाग से भूमि प्रमाण पत्र भी नहीं लिया। फिर भी इंडिया काउंसिल फॉर स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन में अवैध रूप से मान्यता प्रदान की है।

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