भ्रष्टाचार में लिप्त नगर पालिका कर रही अवैध वसूली

भ्रष्टाचार में लिप्त नगर पालिका कर रही अवैध वसूली

सुविधाओं से वंचित टैक्सी मालिकों से वसूला जा भारी भरकम शुल्क

चुस्त दुरुस्त शासन का ढिंढोरा पीटने वाली योगी सरकार के दावे हो रहे फेल

जयदीप शुक्ला के साथ जयप्रकाश ओझा की रिपोर्ट

झंझरी,गोण्डा-

कानून का राज्य स्थापित करने का दावा करने वाली योगी सरकार में प्रशासन के नाक के नीचे हो रही अवैध वसूली।टैक्सी मालिको से नगर पालिका के टोकन पर वसूला जा रहा भारी भरकम शुल्क जबकि नगर पालिका से टैक्सी मालिको का नही है कोई सरोकार।

सदर तहसील के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत विकासखंड झंझरी परिसर क्षेत्र के आने जाने वाले गेट सामने टैक्सी स्टैंड लगाया जा रहा है वहीं कुछ ठेकेदार के द्वारा नगर पालिका परिषद के टोकन पर धड़ल्ले से वसूली की जाती है ।

अवगत करा दे कि पूर्व में टैक्सी स्टैंड एल0बी0एस0 पीजी कॉलेज के गेट सामने था वहीं पर प्राइवेट बस व टैक्सियों को लगाया जा रहा था ।टैक्सी स्टैंड शहर के बीचोबीच व डिग्री कालेज के सामने होने से आए दिन जाम के झाम में छात्र छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।

विद्यालय के छात्रों ने असुविधा से नाराज होकर प्रशासन के खिलाफ एक साथ लामबंद हो गए और कई दिनों तक टैक्सी स्टैंड हटवाने पर तुले रहें।प्रदर्शन को देखते हुए पूर्व जिलाधिकारी डॉ रौशन जैकब ने छात्रों को भरोसा दिया और टैक्सी स्टैंड हटाने कि मांग को मान लिया और शहर से  टैक्सी स्टैंड हटाने का निर्देश सक्षम अधिकारी को दिया।

आज तक सक्षम अधिकारी के द्वारा न तो टैक्सी स्टैंड कहीं पर बनाया गया और न ही जिला प्रशासन के तरफ से टैक्सी खड़ी करने की जगह उपलब्ध कराया गया लेकिन डिग्री कालेज के सामने से हटा दिया गया।बावजूद इन सबके टैक्सी चालकों ने अपने रोजी रोटी के साधन के चलते अपना अपना अड्डा शहर से बाहर बना लिया।

वजीरगंज तरबगंज बेलसर उमरी अमदही से चलने वाले टैक्सी चालकों ने शहर से बाहर झंझरी ब्लॉक के सामने टैक्सियां खड़ी करने लगे जोकि ग्रामीण क्षेत्र में आता है।

टैक्सी मालिको का आरोप है कि न तो हम लोगों को स्टैंड की सुविधा दी जा रही है न ही नगर पालिका क्षेत्र में हम लोग प्रवेश करते हैं फिर गुंडा टैक्स के तरीके से हम लोगों से प्रतिदिन शुल्क वसूला जा रहा है।

टैक्सी चालकों से जब जानकारी ली गयी तो बताया गाड़ी के हिसाब से जीप का 120 रुपये, टाटा बस चार चक्के का 150 रुपये व छः चक्के का 170 रुपये प्रतिदिन लिया जा रहा है।दिन दहाड़े सरेआम नगर पालिका के टोकन पर इस तरीके की अवैध वसूली में प्रशासन द्वारा कोई हस्तक्षेप न करना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।लोगों की माने तो इस तरीके की अवैध वसूली में  क्षेत्रीय पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध पाई जा सकती है।

उक्त प्रकरण में जब झंझरी विकासखंड अधिकारी से बात की  गई तो उन्होंने कहा गेट के सामने टैक्सियों के खड़े होने से प्रशासनिक कार्य मे तमाम दिक्कतें होती हैं जिसके लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर टैक्सियों को हटवाने की मांग की गई है लेकिन कोई सुनवाई अभी तक नही हुई।

वहीं जब एसडीएम सदर से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि बीडीओ झंझरी से बात हुई थी लेकिन अभी सारी बातें स्पष्ट नही हो पाई हैं।

एक तरफ कोई सुविधा न प्रदान होने व नगर पालिका से बाहर खड़े होने के बावजूद भारीभरकम वसूली से जहां टैक्सी मालिक परेशान हैं तो दूसरी तरफ विकासखंड कार्यालय के सामने टैक्सियों के खड़े होने से ब्लॉक के कर्मचारी व अधिकारी के साथ वहां आने वाले ग्रामीण परेशान हैं।

लेकिन जिले के आला अधिकारी व जनप्रतिनिधियों का आएदिन ब्लॉक के सामने आना जाना होने के बावजूद इसपर ध्यान नही जा रहा।

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