धार्मिक कार्यों में प्रयुक्त हो रही जमीनों को हथियाने के प्रयास में है नगर पालिका : रामजीलाल मोदनवाल

धार्मिक कार्यों में प्रयुक्त हो रही जमीनों को हथियाने के प्रयास में है नगर पालिका : रामजीलाल मोदनवाल

करनैलगंज,गोण्डा - 

नगर पालिका परिषद श्रीरामलीला भूमि और इमाम चौक की भूमि को हथियाने के लिए विभिन्न प्रकार के कुत्सित प्रयास कर रही है। 


    उक्त विचार श्री रामलीला कमेटी के संरक्षक रामजीलाल मोदनवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि श्री रामलीला भूमि और इमाम चौक की भूमि अगल बगल है जिसे हथियाने के लिए नगर पालिका परिषद बहुत दिनों से गिद्ध दृष्टि जमाये बैठी है।

इसी क्रम में गत दिनों न्यायालय के एक आदेश के नाम पर नगर पालिका परिषद के अधिकारी व कर्मचारी उपजिलाधिकारी व पुलिस बल के साथ रामलीला मैदान व इमाम चौक पर अतिक्रमण हटाने पहुंच गये थे । स्थानीय लोगों के भरपूर विरोध के कारण परिस्थितियों को देखते हुये स्थानीय प्रशासन द्वारा रामलीला कमेटी व अंजुमन सज्जादिया कमेटी को एक सप्ताह में न्यायालय का आदेश लाने का समय दिया गया था। उक्त समय मे समितियों ने हाईकोर्ट पहुंच कर अपना पक्ष  रखा तथा अनुतोष प्राप्त किया।

मोदनवाल ने बताया कि मैदान का उत्तरी हिस्सा श्रीरामलीला भूमि तथा दक्षिण भाग ईमाम चौक के नाम से विख्यात है जिस पर पिछले 200 वर्षों से अधिक समय से रामलीला उत्सव व मोहर्रम का त्यौहार मनाया जाता है। वर्तमान की भांति उक्त भूमि पर 1957 में भी रामलीला मैदान व अंजुमन सज्जादिया कमेटी के विरुद्ध नगर पालिका द्वारा साजिश प्रारम्भ की गयी थी जिसके विरोध में 1957 में रामलीला कमेटी द्वारा एक वाद मुंसिफ मजिस्ट्रेट तहसील तरबगंज के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।

1957 के फैसले व सुलहनामा शर्त के अनुसार दोनों  समितियां जिस प्रकार मैदान पर काबिज है उसी प्रकार भविष्य में भी रहेंगी तथा भूमि से जो आय प्राप्त होती है वह प्राप्त करती  रहेंगी। उक्त भूमि पर जो निर्माण मौजूद हैं वह क़ायम रहेगा तथा नगर पालिका की अनुमति के बिना भूमि पर कमेटी कोई निर्माण नही करायेगी। 1957 के समझौते का दोनों पक्षकार  अक्षरशः पालन करते चले आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि रामलीला भूमि व इमाम चौक के कुछ भाग रामलीला व मोहर्रम के त्यौहार आदि के लिए सुरक्षित हैं

किंतु बाकी बचे भाग जिसे दर्शकों के लिए लीला का मंचन करने के लिए प्राचीन समय से छोड़ा गया है, उसी भाग में समितियों द्वारा अस्थाई दुकानें लगवायी जाती हैं तथा दुकानदारों से मिलने वाले चंदे से रामलीला का मंचन व मोहर्रम का त्यौहार मनाया जाता हैं। समितियों की समस्त आय जनहित में प्रयोग की जाती है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका परिषद की कुत्सित चालों को नगर वासी किसी प्रकार सफल नहीं होने देंगे। इस मौके पर श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष हरिकुमार वैश्य, शिवनंदन वैश्य, कन्हैयालाल वर्मा, सोनू पुरवार, अंजुमन सज्जादिया के हाफिज साबिर उर्फ गुड्डू आदि मौजूद रहे।

Support to Swatantra Prabhat Media

T & C Privacy

Comments