प्राणायाम से मानव जीवन को कैसे सुखमय एवं निरोगी रखा जाए

प्राणायाम से मानव जीवन को कैसे सुखमय एवं निरोगी रखा जाए

प्राणायाम से मानव जीवन को कैसे सुखमय एवं निरोगी रखा जाए।

मौदहा (हमीरपुर )

कस्बे के गायत्री मंदिर में पतंजलि महिला राज्य कार्यकारिणी सदस्य दीपा श्रीवास्तव;रानी बाथम महिला जिला अध्यक्ष और किरण यादव जिला संगठन मंत्री ने प्राणायाम से मानव जीवन को कैसे सुखमय एवं निरोगी रखा जाए इस पर प्रकाश डाला l

       दीपाश्रीवास्तव ने बताया कि प्राणायाम ही मनोविकारोके दमन का एक प्रभावी उपाय हैं।लेकिन कुशल मार्गदर्शन में करना ही उचित है।योगासन से मनोविकारों की जकड़न ढीली पड़ती है और व्यक्तित्व के पुनर्गठन की प्रक्रिया संपन्न होती है तथा स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मानचित्र का निर्माण होता है

इसलिए पूरे विश्व में 21 जून को विश्व योगा दिवस के रूप में अपनाया है ।आज कल खानपान और प्रदूषण के कारण शरीर की शक्ति निरंतर घट रही है शरीर को उचित शक्ति अर्जित करने के लिए योगासन एक ऐसा विकल्प है। जिससे मानव को स्वस्थ रखा जा सकता है विभिन्न प्रकार की योगासन अनुलोम-विलोम पद्मासन मकरासन आदि के बारे में बताया। वही रानी बाथम महिला जिला अध्यक्ष ने बताया कि मनोरोगों के मूल में मन की तामसिक और राजसिक प्रवृत्तियां सक्रिय रहती हैं।

जितना हम तम से रजऔर रज से सत् की ओर बढ़ते हैं उतना ही मनोविकारों का समन होता जाता है इसके साथ ही सात्विक आहार विहार विचार एवं व्यवहार को अपनाते हुए स्वस्थ संतुलित जीवन निरोगी काया की नींव रखी जा सकती अंत में गायत्री मंत्र का पाठ करते हुए ओम शांति का पाठ कराते हुए सर्वे भवंतु सुक्ना सर्वे संतु निरामया की कामना करते हुए सभासमापन किया

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