मौदहा में दूषित जलापूर्ति से संक्रामक बीमारियों के मरीजों की बढोत्तरी

मौदहा में दूषित जलापूर्ति से संक्रामक बीमारियों के मरीजों की बढोत्तरी

मौसम के उतार-चढ़ाव के चलते कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया, पेट दर्द व अन्य संक्रामक बीमारियां पैर पसार रही हैं। जिसके चलते रोजाना दर्जनों मरीज अस्पतालों की शरण ले रहे हैं।

वहीं अस्पतालों में अचानक मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते यहां अफरा-तफरी का माहौल रहता है। साथ ही स्टाफ की कमी के कारण मरीजों तथा तीमारदारंों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन संक्रामक बीमारियों के लिए कस्बे में दूषित पेयजल की आपूर्ति प्रमुख कारण माना जा रहा है।

 

बताते चलें कि बीते एक सप्ताह से क्षेत्र में कभी तेज धूप तो कभी हल्की बूंदा-बांदी के चलते यहां का मौसम लगातार करवट बदल रहा है। सुबह शाम की ठण्डक के बाद दोपहर की चिलचिलाती धूप व गर्म हवाएं बीमारियां फैलाने का काम कर रही हैं। इतना ही नहीं शादी बारातों के खानपान का असर भी इन बीमारियों का न्यौता दे रहा है।

वहीं कस्बे में लंबे अर्से से जल संस्थान की भारी लापरवाही के चलते लोगों को दूषित पेयजल मिल रहा है। कस्बे में मुख्य सप्लाई के लिए डाली गई पाइप लाइनों के जगह-जगह फटने से इनमें नालों तथा नालियों का दूषित पानी पहुंच रहा है और यही पानी लोग पी रहे हैं। इतना ही नहीं कस्बे व आसपास के गांवों में लगे हैण्डपंप भी दूषित पानी दे रहे हैं।

जिसके चलते यहां संक्रामक बीमारियों ने पैर-पसारने शुरू कर दिए हैं। दर्जनों लोग डायरिया, पेट दर्द सहित अन्य संक्रामक बीमारियों की चपेट में आकर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में भर्ती हैं। इनमें मुख्य रूप से ब्रजरानी (80) पिपरौंदा, सूर्ती (55) भैंस्ता, रहीसा बानों (25) भमौरा, अभिलाषा (23) मकरांव, भरोसी (90) ढुनगंवा, मंगी (80), अनिल (45) व कबीर अहमद (30) मौदहा, फातिमा (50) मॉचा, ज्ञानेंद्र (55) पाटनपुर, कालीदीन (32) फत्तेपुर, भूपेंद्र (13) चकदाहा, मुनीर (20) नरायच सहित दो दर्जन से अधिक मरीज अपना इलाज करा रहे हैं।

अस्पताल में अचानक मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते यहां बेड कम पड़ गए हैं। जिससे स्थिति और खराब है। स्टाफ की कमी के कारण कई मरीजों की बोतलें बदलने व नए मरीजों को बोतल लगाने की बड़ी समस्या बनी हुयी है। सीएचसी परिसर में पेयजल की समूचित व्यवस्था न होने से मरीजों के साथ-साथ उनके तीमारदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

गर्मी के मौसम में होने वाली डायरिया जैसी संक्रामक बीमारी से बचने के लिए सीएचसी के अधीक्षक डॉ.अनिल सचान का कहना है कि लोगों को अधिक से अधिक साफ पानी पीना चाहिए, तेल पकवान से बचना चाहिए, ताजा खाना एवं कम मात्रा में भोजन करना चाहिए, सलाद तथा फल का सेवन अधिक करें और तेज धूप से बचने के लिए पूरे शरीर को ढक कर बाहर निकले।

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